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छत्तीसगढ़

चुने गए 2100 बस्तर फाइटर्स, अंतिम चयन सूची जारी

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में स्पेशल फोर्स बस्तर फाइटर्स भर्ती परीक्षा का नतीजा जारी हो गया है। बस्तर संभाग के सातों जिले के लिए गठित इस फोर्स में 2100 जवान होंगे। इनमें युवकों के साथ युवतियां भी शामिल होंगी। 2100 पदों में से प्रत्येक जिले में 300-300 पद रखे गए हैं। परीक्षा के नतीजे जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर रिजल्ट लगाया गया है।

उल्लेखनीय है कि, बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत 17 जुलाई को 50 अंकों की लिखित परीक्षा हुई थी। मई-जून में हुए फिजिकल टेस्ट में 5,405 उम्मीदवार योग्य पाए गए थे। इनके लिए बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में लिखित परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें 5,330 युवा शामिल हुए। फिजिकल टेस्ट एवं लिखित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर बस्तर संभाग में कुल 3,969 उम्मीदवारों का चयन हुआ था। जिनका 1 अगस्त से 10 अगस्त को संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में 20 अंकों के लिए इंटरव्यू लिया गया। अब बस्तर फाइटर्स की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। इन चयनित उम्मीदवारों में से 300-300 लोग बस्तर संभाग के सातों जिलों में आरक्षक के पद पर नियुक्त किए जाएंगे।

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हर जिले में स्थानीय युवाओं की भर्ती

राज्य सरकार मंशानुरूप हर जिले में स्थानीय युवाओं की भर्ती होगी। सरकार का मानना है कि स्थानीय युवा वहां की भैगोलिक स्थिति से भलीभांति परिचित होते हैं, जिसके चलते नक्सल मोर्चे पर बड़ा लाभ होगा। एक तरफ जहां नक्सलगढ़ के युवा रोजगार से जुड़ेंगे, तो वहीं दूसरी तरफ नक्सलियों को बैकफुट पर धकेलने में मदद मिलेगी। स्थानीय युवा बस्तर की जल-जंगल-जमीन से अच्छी तरह वाकिफ हैं, इसलिए नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में जवानों को ज्यादा सफलता मिलेगी। इसी के चलते नक्सली बस्तर फाइटर्स के गठन का इसकी घोषणा के दिन से ही लगातार विरोध करते आ रहे हैं। कई जगह बैनर-पोस्टर चस्पा कर स्थानीय युवाओं को फोर्स में भर्ती नहीं होने की धमकी भी दी गई है।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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