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छत्तीसगढ़

बलोदाबाजार: नाबालिग को भगा ले जाने वाला गिरफ्तार, अब मिली 37 साल की कठोर सजा

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बलोदाबाजार नाबालिक लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को अलग- अलग धाराओं में 37 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। बलौदाबाजार जिले के सुहेला थाना क्षेत्र में एक रहने वाली एक नाबालिग लड़की को झांसे में लिया फिर मौके का फायदा उठा लिया।

मामला थाना सुहेला क्षेत्र के ग्राम मोपर का है, जहाँ पीड़िता के पिता ने थाना सुहेला में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है कि, उसकी लड़की 3 फरवरी को दोपहर घर से किसी को बिना बताये कहीं चली गई है। उसके बाद वह 13 फरवरी तक घर वापस नहीं लौटी थी। इस बात की सूचना आसपास के लोगों और रिश्तेदारों को बताई गई। जिसके बाद उसकी पतासजी में सब जुट गए, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला।

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शारीरिक संबंध भी बनाता रहा

उक्त रिपोर्ट पर थाना सुहेला द्वारा प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ शारिरिक संबंध भी बनाता रहा। जांच के दौरान पुलिस ने ग्राम खम्हरिया में आरोपी के कब्जे से नाबालिग को छुड़ाया और आरोपी गिरफ्तार कर लिया।

अलग-अलग धाराओं में कुल 37 साल की सजा

न्यायालय में आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 (2-N), भारतीय दंड संहिता एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत प्रकरण में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश किरण त्रिपाठी ने प्रकरण की गंभीरता और साक्ष्यों के परिशीलन करने के बाद आरोपी का अपराध सिद्ध होना पाया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को धारा 363 के तहत सात वर्ष, और 500 रुपयों का अर्थदंड, धारा 366 के तहत दस साल का कठोर कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड, धारा 376 (2-N) के तहत दस वर्ष का कठोर कारावास और 1000 रुपये का अर्थदंड के अलावा पाक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत भी दस वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय के आदेशानुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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