छत्तीसगढ़
सीएम बघेल का ऐलान, प्रदेश के किसानों को देवारी तिहार पर मिलेगी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा के ग्राम चपले में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में आम जनता से रू-ब-रू होकर राज्य शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में देवारी तिहार पर किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किस्त देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जमीन की गुणवत्ता और उर्वरता को बनाए रखने के लिए किसानों से वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य के गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट बन रहा है। इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाना चाहिए। इसके पहले मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना कर भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री ने की अनेक बड़ी घोषणाएं
चपले के भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने क्षेत्र के विकास के लिए अनेक बड़ी घोषणाएं की। उन्होंने चपले में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ करने, काली माता मेला के प्रतिवर्ष आयोजन हेतु 10 लाख रूपए की स्वीकृति, पुलिस सहायता केंद्र चपले का पुलिस चौकी में उन्नयन, कोतरा में पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना, चपले में नवीन सामुदायिक भवन एवं पीडीएस भवन का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसिया में सोनोग्राफी एवं सीटी स्कैन जांच की सुविधा, खरसिया में बालक बालिक ओबीसी छात्रावास का निर्माण, नहरपाली समपार में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति सहित ग्राम चपले में चार स्थानों में सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के चपले हेलीपैड पर पहंुचने पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गुलदस्ता भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। हरदिया मरार पटेल समाज ने मुख्यमंत्री को सब्जियों से तौल कर जनकल्याकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। भेंट मुलाकात स्थल में स्थानीय महिलाओं ने छिंद पत्ते से बने मुकुट को पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री को बांस से बने मुकुट पहनाकर और मांदर भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री और रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल भी मौजूद थे।
शहीद नंद कुमार पटेल को किया याद
मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए कहा कि खरसिया विधानसभा को हम शहीद नंद कुमार पटेल के नाम से जानते हैं। वो हमेशा गरीब और किसान के लिए आवाज उठाते थे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों ने किसान के बेटे पर विश्वास किया है। हमने किसानों की कर्ज माफी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, गोधन न्याय योजना सहित सभी वर्गो के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की।
हर गौठान में खाद की फैक्टरी
भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से दादूराम चंद्रा ने कहा कि हम खेत में रासायनिक खाद डालकर परेशान हो गए हैं, एक खेत में वर्मी कंपोस्ट डाला तो फसल बहुत अच्छी हुई, टमाटर की फसल बहुत अच्छी हुई और मुझे लाभ मिला। मैने डेढ़ लाख रूपए की सेकेंड हैंड कार खरीदी है। इस पर मुख्यमंत्री ने किसानों से खेतों में वर्मी कंपोस्ट का उपयोग करने के लिए आग्रह करते हुए कहा कि खरसिया, पुसौर में बहुत उपजाऊ जमीन है लेकिन रासायनिक खाद से उर्वरता समाप्त हो रही है। वर्मी कंपोस्ट के इस्तेमाल से जमीन की उर्वर क्षमता बढ़ रही है, इससे किसानों को ज्यादा उत्पादन मिल रहा है। रासायनिक खाद से जमीनें कड़ी हो रही हैं, जोतने के लिए ट्रेक्टर की क्षमता बढ़ानी पड़ रही है। रासायनिक खाद की कीमत भी बढ़ रही है, 8000 गौठानों में वर्मी कंपोस्ट बन रहा है, मतलब हर गौठान में खाद की फैक्टरी है, इसे हर गांव तक पहुंचाना है।
बच्चों ने स्टार्टअप के बारे में पूछे सवाल
कक्षा 12वीं की शेफाली अहमद ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री से स्टार्टअप के बारे में पूछा, उन्होंने पूछा कि स्टार्टअप प्रारंभ करने वाले युवा उद्यमियों को बड़े उद्योगपतियों से सहयोग उपलब्ध कराकर उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए ’शार्क टैंक’ की तर्ज पर क्या कोई कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके जवाब के लिए उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल को माइक दिया, उन्हांेने विस्तार से स्टार्टअप के बारे में बताया।
दो नन्ही बच्चियों कोमल और पायल के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बताया कि हृदय रोग से पीड़ित इन बच्चियों का डॉ.खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना से मिली मदद से इलाज हो चुका है और अब वे स्वस्थ हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल के प्रति आभार प्रकट किया। खरसिया के जोबी गांव की लक्ष्मणी राठिया ने बताया कि उनका उजाला महिला स्व सहायता समूह गोधन न्याय योजना से जुड़ा है। इस समूह ने लगभग 600 क्ंिवटल वर्मी कम्पोस्ट बेचकर 2 लाख 15 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया, जिससे बच्चों के लिए कम्प्यूटर खरीदा।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















