छत्तीसगढ़
राज्यपाल ने किया छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की पुस्तिका ‘‘महत्वपूर्ण निर्णय’’ का विमोचन
रायपुर| राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के ‘‘महत्वपूर्ण निर्णयों’’ के संकलन पर आधारित पुस्तिका ‘‘महत्वपूर्ण निर्णय’’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने के लिए पारदर्शी प्रशासन और आम जनता को प्राप्त सूचना का अधिकार आवश्यक है। इसी से हमारे लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। लोकतंत्र में जनता को प्रशासन की हर गतिविधियों को जानने का अधिकार प्राप्त है। इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त एम. के राउत, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त सरजियस मिंज, राज्य सूचना आयुक्त सर्वश्री अशोक कुमार अग्रवाल, मनोज त्रिवेदी, धनवेन्द्र जायसवाल, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त एस.के. तिवारी और सचिव छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयुक्त आनंद मसीह, राज्यपाल के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल उपस्थित थे।
राज्यपाल उइके ने राज्य सूचना आयोग द्वारा महत्वपूर्णय निर्णयों संबंधी संकलन के प्रकाशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि आमजनों के साथ जनसूचना अधिकारियों को इस संकलन का सर्वाधिक लाभ मिलेगा। प्रदेश में राज्य सूचना आयोग, सूचना का अधिकार से संबंधित सर्वाेच्च संस्था होती है, ऐसे में यह किताब इस विषय में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई आदिवासी बाहुल्य जिले हैं, उन क्षेत्रों में भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जाएं, ताकि वहां के जनसूचना अधिकारियों को नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने इस पुस्तक को जिला स्तर पर भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्य सूचना आयुक्त एम.के. राउत ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की स्थापना से लेकर अब तक के कार्य, उपलब्धियों, प्रकरणों की संख्या एवं उनके निराकरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से वर्ष 2022 तक 67 हजार प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं, जिनमें से 56 हजार प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। किताब में महत्वपूर्ण 136 निर्णयों को शामिल किया गया है। राउत ने बताया कि संभाग स्तरीय और जिला स्तर पर जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन कर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा 4 (1)(ख) के तहत् प्रत्येक लोक प्राधिकारी को अपनी कार्यालयीन गतिविधियों को कम्प्यूटरीकृत कर वेबसाईट पर अपलोड करना है ताकि आम जनता विभागीय गतिविधियों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सके और प्रशासन में पारदर्शिता बनी रहे। वेबसाईट में विभागीय जानकारी अपलोड होने से जनता को यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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