छत्तीसगढ़
रोका-छेका अभियान के अंतर्गत 65 गौठानों में पशु चिकित्सा शिविर सह किसान संगोष्ठी
बलौदाबाजार| राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी रोका छेका अभियान के अंतर्गत जिले में पिछले एक सप्ताह में 65 गौठानों में पशु चिकित्सा शिवर सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी में पशुपालकों को रोका-छेका अभियान की महत्ता समझाई गई और उनकी पशुओं का टीकाकरण एवं उपचार किया गया। रोका-छेका का यह अभियान आगामी 1 जुलाई तक संचालित होगा। अभियान के अंतर्गत अब तक 26 हजार से ज्यादा पशुओं का आयाजित शिविरों में टीकाकरण एवं उपचार कर निःशुल्क दवाईयां वितरित की गई हैं।
गौरतलब है कि शासन की फ्लैगशीप योजनांतर्गत राज्य में फसल के बोवाई के पूर्व फसल को पशुओं के चरने से सुरक्षित रखने हेतु खुले में चराई कर रहे पशओं के नियंत्रण के लिए ’’रोका छेका’’ की प्रथा प्रचलित है। बलौदाबाजार जिले में कलेक्टर सुनील जैन एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. फरीहा आलम के मार्गदर्शन में गत 20 जून से ’’रोका-छेका’’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम अंतर्गत पशुओं के चरने से फसल को होने वाली हानि से बचाने के लिए पशुपालक तथा ग्रामवासियों द्वारा पशुओं को बांधकर रखने अथवा चरवाहें की व्यवस्था करने हेतु विभिन्न गौठानों एवं परम्परागत ग्रामों के गौठानों में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशु चिकित्सा शिविर के साथ पशुपालको एवं चरवाहों की संगोष्ठी विकासखण्ड के जनप्रतिनिधि को भी आयोजन में शामिल कर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूहों को पशुओं को बांधकर रखने, गौठानों में पशुओं के प्रबंधन व रख-रखाव की उचित व्यवस्था, गौठानों में चारा पैरा की व्यवस्था आदि के बारे में जानकारी दी गई। पशुपालको को पशुओं को खुले में न छोड़ने हेतु समझाईश दी जा रही है एवं मानसून पूर्व पशुओं में होने वाली संक्रामक बीमारी के बचाव हेतु टीके लगाये जा रहे है। डॉ. सी.के. पाण्डेय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें बलौदाबाजार-भाटापारा ने अवगत कराया कि ’’रोका छेका’’ कार्यक्रम अंतर्गत अभी तक 45 गौठानों एवं 20 परम्परागत गौठानों में कुल 65 शिविर लगाये गये तथा 65 संगोष्ठी आयोजित की गई। निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर में पशु उपचार 644, टीकाकरण 23592, औषधि वितरण 2537, बधियाकरण 06, कृमिनाशक दवा का वितरण 1808, किया गया। रोका -छेका का अभियान 1 जुलाई तक चलेगा। इसी क्रम में गौठानों में पशु चिकित्सा शिविर एवं कृषक संगोष्ठी के आयोजन किये जा रहे है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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