छत्तीसगढ़
बिलासपुर: खुलेंगे सभी स्कूल, आंगनबाडी एवं पुस्तकालय, कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में दिए निर्देश

बिलासपुर /कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने आज मंथन सभाकक्ष में समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक ली। बैठक में चर्चा के दौरान उन्होंने जिले में घटते कोविड पाजिटिविटी दर को देखते हुए जिले में संचालित स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं को खोलने के निर्देश दिए। जारी निर्देश के अनुसार जिले में अब सभी स्कूलों, प्ले स्कूलों, आंगनबाड़ी तथा पुस्तकालयों के संचालन को प्रतिबंध से मुक्त कर दिया गया है। उक्त संस्थाओं के संचालन में कोविड-19 से संबंधित प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिले में पिछले सप्ताह से कोविड पाजिटिविटी दर 4 प्रतिशत से कम रही है तथा बच्चों की पढ़ाई किसी भी प्रकार से बाधित न हो। इसे देखते हुए कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने उक्त निर्देश जारी किए। कलेक्टर डॉ. मित्तर ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में अभियान चलाकर बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देश के अनुसार जिले में अब सामाजिक, धार्मिक, खेल एवं अन्य गतिविधियों को भी प्रतिबंध से मुक्त किया गया है। अब जिले में संचालित शॉपिंग मॉल, होलसेल दुकानें, थियेटर, मैरेज हॉल, होटल, रेस्टोरेंट आदि पूरी क्षमता के साथ खुलेंगी। अब इन स्थलों के एक तिहाई क्षमता के साथ संचालन की बाध्यता समाप्त कर दी गयी है।
साप्ताहिक बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की समीक्षा करते हुए चकरभाठा, मस्तूरी, कोटा तथा तखतपुर के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के निर्माण कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। डॉ. मित्तर ने इन स्कूलों को विजिट कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने आत्मांनद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल को शासन की महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए स्कूलों के निर्माण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं तय समय सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
डॉ. मित्तर ने विकास और निर्माण कार्यों तथा राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की और संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में नल कनेक्शन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जिले के कुल 1 हजार 867 स्कूलों में से 1 हजार 600 से अधिक स्कूलों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसी प्रकार नौ सौ से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। अन्य स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने की व्यवस्थाएं की जा रही है। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नल कनेक्शन की शत प्रतिशत उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में करें निराकरण –
कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, सीमांकन, बटांकन आदि के संबंध में भी जानकारी ली। समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने विवादित नामांतरणों की संख्या कम करने तथा लंबित राजस्व प्रकरणों को तय समय-सीमा में निपटारा करने के निर्देश उपस्थित राजस्व अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर डॉ. मित्तर ने बैठक में धान खरीदी के संबंध में भी जानकारी ली तथा धान खरीदी एवं उठाव की अच्छी प्रगति पर खुशी जाहिर करते हुए संबंधित अधिकारियों को बधाई भी दी। समय सीमा की बैठक में डॉ. मित्तर ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के संचालन, राजीव युवा मितान क्लब, गोधन न्याय योजना सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की तथा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरिश एस., अपर कलेक्टर सुश्री जयश्री जैन, नगर निगम आयुक्त श्री अजय कुमार त्रिपाठी सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















