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छत्तीसगढ़

हिंदुत्व का विचार ही है लोककल्याण का मंत्र: श्रीराम माधव

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The idea of Hindutva is the mantra of public welfare: Shriram Madhav

बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बिलासपुर ने स्वाधीनता दिवस के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विशाल पथ संचलन का आयोजन किया। विशाल पथसंचलन गुरुनानक स्कूल, कुंदन पैलेस और धान मंडी तोरवा से निकल कर नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट फुटबॉल मैदान में पहुंचा। पथ संचलन में बिलासपुर जिला और नगर के लगभग 3000 से अधिक स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। पथ संचलन में बिलासपुर नगर की सभी 67 बस्तियों एवं 57 मंडलो ने सक्रियता से सहभागिता की। पथ संचलन के दौरान जगह जगह स्वयंसेवकों पर गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा की और उनका जयश्रीराम, वंदेमातरम और भारत माता की जय से स्वागत किया। कार्यक्रम में विविध संगठनों के प्रमुखों ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम मुख्यतः चलो गांव की ओर विषय पर केंद्रित रहा।


मंच पर छत्तीसगढ़ प्रांत के माननीय संघचालक डॉ पूर्णेंदू सक्सेना, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ लाकेश चंद्र मढरिया, कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राम माधव जी और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम कृष्ण मिशन बिलासपुर के सचिव पूज्य स्वामी सेवाव्रता नंद जी मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम कृष्ण मिशन बिलासपुर के सचिव पूज्य स्वामी सेवाव्रता नंद जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें पूज्य स्वामी विवेकानंदन्द से शिक्षा लेने की आवश्यकता है। हमें समझना होगा हमारा धर्म क्या है? संगठित होना होगा। भारत में विविध धर्म है। हिंदू धर्म में बहुत सी विविधता है। धर्म भारतीय जीवन का मूल मंत्र है। भारतीय एकता का रेखांकन करना आवश्यक है। हम कहते हैं भारत धर्म निरपेक्ष देश है इसका अर्थ है कि किसी को भी अपने धर्म के पालन में कोई परेशानी नहीं होगी ।

सब अपने अपने धर्म का पालन कर सकेंगे। लेकिन दुर्भाग्यवश इसके अर्थ का अनर्थ कर दिया गया। धर्म की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपना जीवन होम कर दिया किंतु अपने धर्म से समझौता नहीं किया। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है धर्म ही जीवन और संस्कृति का मूल मंत्र है। भारतीय मन पहले धार्मिक है फिर कुछ और। भारत के मूल आदर्श का सभी को पालन करना होगा तभी हमारा जीवन सार्थक हो सकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ लाकेश चंद्र मढरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं स्वयसेवकों का पथसंचलन देखकर अभिभूत हूं। हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति ही है जो सभी के कल्याण एवं सभी के निरोगी होने की कामना करती है साथ ही सर्वत्र शांति व्याप्त हो इसके लिए प्रयत्न भी करती है और यही हिंदू संस्कृति का मूल आधार है।

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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पधारे श्री राम माधव जी ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा आज का यह पथसंचलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रभाव का है। वर्तमान में करोड़ों स्वयंसेवकों एवं 60 हजार से ज्यादा शाखाओं के साथ संघ 100 साल का होने वाला है|


संघ कोई संगठन नहीं है यह एक सोच है विचार है। मंच पर विराजमान डॉ साहब और स्वामी जी संघ से नहीं हैं लेकिन संघ के हैं। यही विचार है संघ का। आज हिंदुत्व का विचार राष्ट्र के केंद्र में है। यह प्रभाव है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का। एक समय था जब हिंदू शब्द को सांप्रदायिक कहा जाता था लेकिन आज विचार बदला है लोगों में मैं सबसे बड़ा हिंदू हूं यह कहने की होड़ लगी हुई है। वर्तमान में सभी दल हिंदू धार्मिक चिन्हों को सामूहिक रूप से दिखा रहे हैं। आजकल हिंदू और हिंदुत्व को अलग अलग दिखाने की कोशिश की जा रही है लेकिन ये दोनो अलग नहीं हैं। हिंदू धर्म का विचार और व्यवहार ही हिंदुत्व है। स्वाधीनता के अमृत महोत्सव में बलिदान हुए सभी महापुरुषों के प्रति श्रद्धा रखना है। आज कुछ लोग सावरकर को बदनाम कर रहे हैं। अंग्रेजों से जोड़ रहे हैं। कौन ऐसा होगा जिसे उसके ही जानने वालों ने दो बार काला पानी की सजा सुनाई होगी? देश को जोड़ना देश को साथ लेकर चलना सच्चा हिंदू विचार है। हिंदू हिंदुत्व एक है। धर्म की जय हो और अधर्म का नाश हो इसके लिए कार्य करना है। व्यवस्था जब बनती है तब कुछ अच्छा करने के लिए बनती है लेकिन समय के साथ सभी में परिवर्तन आता है इसमें विसंगतियां आती है। उसे ठीक करना पड़ता है। सभी जातियों के साथ मिल-जुल कर रहना, सद्भावना के साथ रहना यही हिंदुत्व का अर्थ है। महिलाओं का सम्मान केवल विचार से ही हो सकता है और वो विचार हिंदुत्व में है। हम महिलाओं का सम्मान करने वाले लोग हैं। स्त्री स्वयं में दुर्गा है, महिषासुर मर्दिनी है , उसे रक्षा की नहीं सम्मान की जरूरत है। हिंदू जीवन जीने की पद्धति है। संघ लोक कल्याण एवं सद्भावना के विचार से चलने वाला संगठन है। संघ का पूरा कार्य धर्म के लिए है। यह समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करता है।

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कार्यक्रम का संचालन बिलासपुर जिला कार्यवाह गोवर्धन ने किया एवं आभार प्रदर्शन बिलासपुर नगर के कार्यवाह तारणीश ने किया। कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक प्रेम शंकर सिदार ,सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव ,प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन ,विभाग संघ चालक प्रदीप देशपांडे ,सह विभाग संघचालक डॉ विनोद तिवारी ,जिला संघचालक बसंत अंचल ,जिला सह संघचालक प्रदीप ,नगर संघचालक रणवीर ,विभाग कार्यवाह गणपति रॉयल ,विभाग प्रचारक गणेश साहू ,डॉ. प्रफुल्ल शर्मा ,बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व् सांसद अरुण साव ,बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ,मस्तूरी विधायक कृष्ण मूर्ति बांधी ,बेलतरा विधायक रजनीश सिंह इसके साथ ही कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे|

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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