छत्तीसगढ़
सिनेमा हॉल, पार्क, स्पोर्ट्स काम्पलेक्स, स्वीमिंग पुल संचालन की मिली सशर्त अनुमति

रायगढ़| कलेक्टर भीम सिंह द्वारा पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुये रायगढ़ जिले में स्थित सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, थियेटर, पार्क (उद्यान), थीम पार्क, वाटर पार्क, स्टेडियम/स्पोर्टस काम्पलेक्स, स्वीमिंग पुल को विभिन्न शर्तो के अधीन संचालन हेतु आदेश जारी किया है। यह आदेश 28 जून 2021 से प्रभावशील होगा।
जारी आदेश के तहत प्रवेश द्वार पर सेनेटाईजर डिस्पेंसर एवं थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। परिसर में केवल कोरोना के लक्षण रहित व्यक्तियों को प्रवेश हेतु अनुमति दी जाये। फेस कवर/मास्क का उपयोग करने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाये। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में पोस्टर/स्टैण्डी प्रमुखता से प्रदर्शित किये जाये। कोविड-19 के निवारक उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये ऑडियो और वीडियो क्लिप को नियमित रूप से चलाया जाना चाहिये। परिसर के बाहर पार्किंग स्थल, लॉबी, वॉशरूम में सोशल डिस्टेसिंग/फिजीकल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुये उचित भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाये। श्वसन शिष्टाचार का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। हॉल में उपस्थित सभी व्यक्ति खांसते/छींकते समय टीशू पेपर, रूमाल, मुड़ी हुई कोहनी का प्रयोग करेंगे। परिसर के बाहर और भीतर स्थित टिकट बुकिंग काउंटर, दुकान, स्टॉल, कैफेटेरिया में कार्यरत कर्मचारियों को फेस मास्क/फेस कव्हर, दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा।
कतार व्यवस्था एवं सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने हेतु परिसर में गोल घेरा, सर्कल, निशान लगाई जाये। प्रवेश पर बर्हिंगमन हेतु कतार में खड़े होने वाले व्यक्तियों के मध्य न्यूनतम 6 फीट की शारीरिक दूरी सुनिश्चित की जाये। एयर-कंडीशनिंग/वेंटिलेशन के लिये सीपीडब्ल्यूडी के दिशा-निर्देश का पालन किया जाये जिसके अंतर्गत सभी एयर कंडीशनिंग उपकरणों की तापमान सेटिंग 24 से 30 डिग्री सेल्सियस तथा रिलेटिव हयूमिडिटी 40 से 70 प्रतिशत की सीमा में होनी चाहिये। ताजा हवा एवं क्रांस वेन्टीलेटर हेतु पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। प्रत्येक शो समाप्ति के अंतराल में संपूर्ण परिसर एवं कॉमन एरिया का सेनिटाईजेशन एवं नियमित साफ-सफाई किया जाये। टिकट बुकिंग, खाद्य एवं पेय पदार्थों के भुगतान हेतु डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित किया जाये। आगुंतकों का टिकट बुकिंग के दौरान नाम, पता, मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिया जाये, ताकि भविष्य में कांटेक्ट टे्रसिंग में सुविधा हो।
टिकट बुकिंग, खाद्य एवं पेय पदार्थों के विक्रय हेतु एक से अधिक काउंटर की व्यवस्था की जाये। परिसर के फर्श को दिन में नियमित रूप से साफ किया जाये। परिसर में पान, गुटखा खाकर थूकना एवं अन्यथा थूकना प्रतिबंधित रहेगा। परिसर में केवल पैकेट बंद खाद्य पदार्थों के विक्रय की अनुमति होगी। सिनेमा हॉल, थियेटर, मल्टीप्लेक्स के भीतर खाद्य एवं पेय पदार्थों की डिलीवरी प्रतिबंधित रहेगा। आंगतुकों/कर्मचारियों द्वारा छोटे गये मास्क, फेस कव्हर, दस्तानों को चिकित्सीय अपशिष्ट मानते हुये खाद्य एवं पेय पदार्थों के अपशिष्ट का प्रबंधन/निपटान उचित ढंग से किया जायेगा। गर्भवती महिला, वृद्ध एवं उपचाररत कर्मचारियों से विशेष सावधानी बरतते हुये कार्य लिया जाये। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों/प्रतिष्ठानों पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















