छत्तीसगढ़
बिलासपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों के विरुद्ध खोला मोर्चा, हुक्का बार सहित नशीली टेबलेट्स, इंजेक्शन्स एवं गांजा बेचने वालों पे हुई कार्यवाही

बिलासपुर| पुलिस अधीक्षक बिलासपुर प्रशांत अग्रवाल के निर्देशन में जिले के सभी थानों के द्वारा नशे का सामान बेचने वाले एवं नशा करने वालों के विरुद्ध अभियान की शुरुआत की गई है।इस अभियान के तहत दिनांक 26 जून 2021 को विभिन्न थाना क्षेत्रों में निम्न कार्यवाहियां की गई।
थाना तारबाहर
इसी तारतम्य में थाना तारबाहर के पुराना बस स्टैंड स्थित कोयला हुक्का बार में नशीला हुक्का युवाओं को पीने को दिया जा रहा था जिस पर देर रात छापामार कार्यवाही की।दबिश के दौरान कोयला हुक्का बार में 04 युवक हुक्का पीते हुए पाए गए। तारबाहर पुलिस ने सभी के विरुद्ध कोटपा एक्ट के तहत मामला कायम करते हुए इसके मेनेजर हर्ष कश्यप को गिरफ्तार कर लिया।
*थाना कोटा *
1)अप क्र 385/21 धारा 34(2)आबकारी अधिनियम
जप्ती- आरोपी से मिला 48 नग180 ml वाली देशी प्लेन शराब कुल 8.64लीटर ,जुमला कीमत 4800रुपये
आरोपी-:रामानंदी केशरवानी पिता सेवालाल 55 वर्ष पता फ़िरंगीपारा कोटा
2)अप क्र 386/21धारा 34 (1)क आबकारी अधिनियम
जप्ती- जप्त सामान 3 नग देशी शराब 180 ml,1 नग विदेशी शराब 180 ml वाला ,बिक्री रकम 570 रुपये
आरोपी-: सुमित कुमार केशरवानी पिता दुर्गा प्रसाद 25 वर्ष फ़िरंगीपारा कोटा
थाना कोतवाली
1.अप. क्र.164/21-धारा 21-22नारकोटिक्स अधिनियम
आरोपी -रतनलाल मधुमटके, उम्र 44 वर्ष,सा.करबला
जप्ती-15 REXOGESIC AMPOULE में 2ml भरा हुआ 16 नग AVIL में 10ml भरा हुआ 6 नग AVIL AMPOULE में 2ml भरा हुआ, निडिल+सुई 100 नग, 28 नग AVIL(10ml) की खाली शीशी बिक्री रकम नगदी 3080 रूपये को जप्त किया गया।
थाना सरकंडा
अप. क्र.731/21-धारा 20( बी) नार्कोटिक्स अधिनियम
जप्ती-3kg 250gm कुल16000 रु
आरोपी-राजू सोनकर,21 वर्ष,सा. बंगालीपारा कालीबाड़ी, सरकंडा
थाना सिविल लाइन
अप क्र – 609/21 u/s 21,22 नार्कोटिक्स अधिनियम
जप्ती-1170 नग NITROSUM 10 tablet क़ीमती 5342₹ व नगद ₹6590 कुल 11972 रु
आरोपी-सर्वेश मनहर कोंदा 24 वर्ष सा. जरहाभाटा मिनीबस्ती सिविल लाइन ।
बिलासपुर पुलिस द्वारा इस तरह का अभियान अनवरत जारी रहेगा । बिलासपुर पुलिस जनता से अपील करती है की इस संबंध में किसी तरह से सूचना प्राप्त होती है तो बिलासपुर पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 9479193099 पर या 9479193002, 9479193003,9479193006 पर या पुलिस अधीक्षक के नंबर 9479193001 पर व्हाट्सएप्प के माध्यम से भी सूचना दे सकते हैं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















