छत्तीसगढ़
गुजरात में थमा चुनाव प्रचार, आज से भानुप्रतापपुर में मोर्चा संभालेंगे मुख्यमंत्री बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पिछले तीन दिनों से गुजरात चुनाव में पहले चरण के प्रचार में जुटे रहे। वहां मंगलवार को प्रचार थम गया। अब वे प्रदेश में हो रहे भानुप्रतापपुर उपचुनाव का मोर्चा संभालेंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नामांकन दाखिले के अंतिम दिन कांकेर में एक बड़ी सभा को संबोधित किया था। अब वे भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। बताया जाता है कि यहां पर मुख्यमंत्री की बुधवार 30 नवंबर, 1 और 3 दिसंबर को जनसभा और रोड शो की योजना कांग्रेस ने बनाई है। अंतिम चार दिनों में यहां पर राजनीतिक दलों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। निर्वाचन आयोग ने प्रचार के अंतिम समय में प्रत्याशियों के व्यय और अन्य मामलों को देखने पर्यवेक्षकों को सक्रिय कर दिया है।
भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस अब धुआंधार प्रचार करने बुधवार से अपने स्टार प्रचारकों को उतारने जा रही है। प्रदेश के मंत्री और विधायक भी 3 दिसंबर तक भानुप्रतापपुर में डेरा डालेंगे। अभी तक यहां स्थानीय नेताओं के भरोसे प्रचार चल रहा था। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 3 दिन तक यहां पर धुआंधार प्रचार कर 8 चुनावी सभाओं और आधा दर्जन रोड शो में शामिल होंगे। 30 नवंबर को कोडेकुर्सी, भानुप्रतापपुर, पुरी और टंहकापार में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। 1 दिसंबर को दुर्गूकोंदल और चारामा में जनसभा के बाद रोड शो में भी शामिल होंगे। प्रचार के अंतिम 3 दिसंबर को कोरर और लखनपुरी में सभा को संबोधित करेंगे। आदिवासी समाज ने यहां पर कांग्रेस के विरोध में प्रत्याशी उतारा है, साथ ही आरक्षण में कटौती और यहां के आदिवासियों को पेसा कानून का लाभ सही ढंग से न दिलाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। यहां त्रिकोणीय मुकाबले को देखते हुए नई रणनीति के तहत प्रचार किया जा रहा है।
चुनाव अभियान समिति में तीन मंत्री
कांग्रेस चुनाव चुनाव अभियान समिति में तीन मंत्रियों कवासी लखमा, अमरजीत भगत और अनिला भेंडिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति ने भानुप्रतापपुर के दो बड़े ब्लॉक चारामा और कोरर में मुख्यमंत्री की सभा और रोड शो को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के गुजरात और हिमाचल चुनाव में व्यस्त होने के कारण उनका कार्यक्रम तय नहीं हो पाया था। चुनाव अभियान समिति ने सभी स्टार प्रचारकों के कार्यक्रम तय किए हैं।
संगठन के नेता भी होंगे शामिल
प्रभारी सचिव सप्तगिरी शंकर उल्का और चंदन यादव 30 नवंबर को यहां चुनाव प्रचार करने पहुंचेंगे। वहीं प्रदेश सरकार के सभी मंत्री यहां पर 30 नवंबर से ही कई जगहों पर मुख्यमंत्री के साथ प्रचार में शामिल होंगे। आदिवासी वर्ग के मंत्रियों को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं संगठन की ओर से पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम यहां पर लगातार नुक्कड़ सभा लेकर मतदाताओं से संपर्क बनाए हुए हैं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















