Connect with us

छत्तीसगढ़

बिलासपुर : संभाग स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में 3 हजार खिलाड़ी दिखाएंगे दम

Published

on

Bilaspur: 3 thousand players will show their strength in divisional level Chhattisgarh Olympics

बिलासपुर| छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता बहतराई स्टेडियम में 12 और 14 दिसम्बर को होगी। जिला स्तरीय विजेता टीमों के लगभग 3 हजार खिलाड़ी 14 प्रकार की खेल स्पर्धाओं में भाग लेकर जोर आजमाएंगे। राज्य स्तर पर भागीदारी के लिए टीमों का चयन इन्हीं में से किया जायेगा। जिला पंचायत सीईओ एवं संभाग स्तरीय आयोजन समिति की सदस्य श्रीमती जयश्री जैन ने आज अफसरों की टीम के साथ स्टेडियम का स्थल निरीक्षण किया और सफल आयोजन के लिए दिशा -निर्देश दिए।
         गौरतलब है कि संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में ग्रामीण जनजीवन में लोकप्रिय 14 प्रकार की खेल स्पर्धाएं होंगी। संभाग के अंतर्गत शामिल छह पुराने जिलों के साथ 2 नवगठित जिले सक्ति और सारंगढ़ के खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। महिला व पुरुष वर्ग की अलग अलग प्रतियोगिताएं रखी गई है। इनमें भी 18 वर्ष से कम, 18 से 40 वर्ष तक और 40 से अधिक उम्र वर्ग के खिलाड़ी प्रतियोगिता में दमखम दिखाएंगे प्रतियोगिता में शामिल 14 खेलों में कबड्डी, खोखो, गिल्ली डंडा, बाटी, भंवरा, फुगड़ी, बिल्लस, पिठुल, रस्साखींच, गेड़ी दौड़, लंगड़ी दौड़, संखली, 100 मीटर दौड़ एवं लम्बी कूद शामिल हैं। पहले दिन 12 दिसंबर को महिला वर्ग के खेल संपन्न होंगे। 13 दिसंबर को विश्राम तथा 14 दिसंबर को पुरुष वर्ग के खेल आयोजित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में IAS अफसर को महिला ने दी हनीट्रैप में फंसाने की धमकी, पढ़ें पूरी खबर

खिलाड़ी व निर्णायकों को एक दिन पूर्व पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। खिलाड़ियों के लिए परिवहन,भोजन एवं आवास की व्यवस्था प्रशासन द्वारा मुहैया कराई गई है। संभागायुक्त डॉ.संजय अलंग के निर्देशानुसार जयश्री जैन ने बारीकी से समीक्षा की और अफसरों को बेहतर तैयारी के निर्देश दिए। बैठक में एडिशनल एसपी आरके जायसवाल, नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर जायसवाल, डीईओ कौशिक, प्रभारी एसडीएम हरिओम द्विवेदी, जिला खेल अधिकारी ए एक्का सहित व्यवस्था से जुड़े तमाम जिला स्तरीय अफसर उपस्थित थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   बेटा ही निकला बाप का हत्यारा... कुदारी, पत्थर, बिजली तार से मारकर नदी में फ़ेंक दिया था शव

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   खूलेआम देशी कट्टा एवं अन्य हथियार रखकर घुमने वाले आरोपियों एवं बालकों को किया गया गिरफ्तार

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के छात्र प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों पर संज्ञान हेतु विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ में IAS अफसर को महिला ने दी हनीट्रैप में फंसाने की धमकी, पढ़ें पूरी खबर

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   बालासोर ट्रेन हादसा अपडेट: जांच में बड़ा खुलासा, सामने आई दुघर्टना की वजह

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending