छत्तीसगढ़
CM बघेल ने किया ऐलान! इस दिन खाते में आएगी किसान न्याय योजना की राशि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने प्रदेश व्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान आज 14 दिसम्बर को महासमंुद जिले के खल्लारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मरारकसीबहरा पहुंचे। उन्होंने वहां आम जनता से सीधे बात-चीत कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री से चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने भी शासकीय योजनाओं से मिल रहे भरपूर लाभ के बारे में बताया और राज्य सरकार की सराहना की। मुख्यमंत्री बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान में कहा कि किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा संचालित ”राजीव गांधी किसान न्याय योजना” की चौथी किस्त की राशि 31 मार्च के पहले किसानों को मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में सभी वर्ग के लोगों के विकास के लिए विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें किसान, मजदूर, आदिवासी सहित गरीब व कमजोर आदि वर्ग के लोगों के हित को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने इस तारतम्य में ग्राम सुराजी योजना के तहत् नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, मुख्यमंत्री हॉट बाजार क्लीनिक योजना, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना, वनोपज संग्रहण तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना आदि के बारे में उल्लेख करते हुए लोगों को इनका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना
मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात के दौरान स्थानीय जनतिनिधियों और ग्रामीणों के आग्रह पर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक घोषणाएं की। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा को 30 वितस्तर से 50 बिस्तर में उन्नयन और आई.टी.आई. बागबाहरा 2 नये ट्रेड-इलेक्ट्रिशियन तथा फिटर प्रारंभ करने की घोषणा की गई। इसी तरह चण्डी मंदिर बागबाहरा और खल्लारी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने तथा ग्राम कुलिया में विद्युत सब स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा ग्राम एम.के.बाहरा में हाईस्कूल तथा ग्राम मुनगासेर में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की गई। साथ ही कमरौद से चरौदा मार्ग एवं पुल-पुलिया और खोपली से सोनापुटी मार्ग एवं पुल-पुलिया के निर्माण की घोषणा की गई।
40 हजार का ऋण माफ
मुख्यमंत्री बघेल ने ग्राम मरारकसीबहरा में किसानों से कहा कि किसका-किसका कर्ज माफ हुआ है। इस पर एक स्वर में सहमति जताते हुए वहां उपस्थित सभी किसानों ने ”हां” में जवाब दिया। इस दौरान ग्राम कामरौद निवासी किसान जितेंद्र साहू ने बताया कि मेरा ढाई लाख रूपए का कर्ज माफ हुआ है। इसके साथ-साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना का पूरा लाभ मिल रहा है। इनसे हुई आय से डेढ़ एकड़ खेती-जमीन खरीदा है और मकान भी बनाया हूं। इसी तरह ग्राम चुरकी निवासी ओमप्रकाश साहू ने बताया कि वे 2 एकड़ जमीन के मालिक है, 40 हजार का ऋण था जो माफ हो गया है। ग्राम एम.के.बाहरा निवासी तुमेेश्वरी साहू ने बताया कि समूह का नाम जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह है। उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं के तहत् विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से पर्याप्त आमदनी होने लगी है, जिसका लाभ समूह के सभी सदस्यों को मिल रहा है। इसी तरह ग्राम पचेड़ा निवासी चमन लाल साहू, सावित्रिपुर की सु सजनी मिश्रा तथा प्रेमलता बघेल, दयाराम चंद्राकर आदि ने भी शासन के विभिन्न योजनाओं से हो रहे लाभ के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री बघेल आज भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान महासमुंद जिले के खल्लारी विधान सभा के ग्राम एम.के.बाहरा निवासी आदिवासी किसान यादराम धु्रव के घर बड़े ही चाव से भोजन किया। उन्हें भोजन में गौठानों की बाड़ी की लालभाजी तथा मुनगाभाजी, तिवरा भाजी के अलावा जिमीकांदा की सब्जी और सील से पीसे टमाटर चटनी फुलकांस की थाली में परोसा गया था।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















