छत्तीसगढ़
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पद पर निकली भर्ती,

बीजापुर। एकीकृत बाल विकास परियोजना अधिकारी बीजापुर शासन द्वारा स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। जिसके लिए 27 दिसम्बर 2022 से 12 जनवरी 2023 तक कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से सायं 5.30 बजे तक महिला एवं बाल विकास परियोजना बीजापुर में व्यक्तिगत रुप से अथवा पंजीकृत डाक से आवेदन जमा किया जा सकता है। रिक्त पदों के अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंगला के आंगनबाड़ी केन्द्र चोखनपाल पटेलपारा एवं संतोषपुर के आंगनबाड़ी केन्द्र सगवाही के लिए 1-1 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद रिक्त है जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किया गया।
आंगनबाड़ी के पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 12वीं उर्त्तीण एवं सहायिका के लिए 8वीं उर्त्तीण निर्धारित की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति संबंधि निर्देश-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता तथा आंगनबाड़ी सहायिका को शासन द्वारा निर्धारित मानदेय प्रतिमाह दिया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका का पद के लिए 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। 01 वर्ष या 1 वर्ष से अधिक सेवा कार्यकर्ता/सहायिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छुट दी जाएगी। परियोजना अधिकारी द्वारा जारी किया गया अनुभव प्रमाण पत्र ही मान्य किया जाएगा। आवेदिका उसी ग्राम या वार्ड की स्थायी निवासी होना चाहिए जिस ग्राम या वार्ड में आंगनबाड़ी के केन्द्र स्थित है। शहरी/ग्रमीण/आदिवासी परियोजना में कोई आवेदिका न मिलने पर कार्यकर्ता पद हेतु शैक्षणिक योग्यता शिथिल मानकर दसवीं बोर्ड रखी जावेगी।
शैक्षणिक योग्यता
इस अनुसार भी कोई आवेदिका न मिलने पर आठवी, पांचवी उर्त्तीण रखी जावेगी। सहायिका पद में उपरोक्तानुसार शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण के लिए अंकसूची की स्व-प्रमाणित छायाप्रति लगाया जाना अनिवार्य होगा तथा अंतिम चयन आदेश पूर्व मूल प्रमाण पत्र सत्यापन हेतु प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ अंकसूची सहित आवश्यक सभी दस्तावेज स्व-प्रमाणित हो। अंतिम चयन के समय मूल प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए समुचित प्रक्रिया का निर्धारण किया जाएगा। सत्यापन ना होने पर नियुक्ति आदेश निरस्त माना जायेगा। सभी दस्तावेज अभ्यर्थी द्वारा स्व-प्रमाणित कर लगाऐंगे। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा अस्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाता है तो उसे यह शपथ पत्र देना होगा कि छः महीने में स्थाई जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगी। अन्यथा उसकी नियुक्ति स्वमेव निरस्त मानी जावेगी। वहीं पति का प्रमाण पत्र शहरी क्षेत्र के लिए नियमानुसार सक्षम अधिकारी द्वारा आवेदक को प्रस्तुत करना होगा। विधवा को मूल्यांकन में अतिरिक्त अंक की पात्रता होगी।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















