छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ विधानसभा : आरक्षण पर मचे बवाल के बाद दिनभर के लिए सदन की कार्रवाई स्थगित
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आगाज हंगामाखेज रहा। पहले ही दिन आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सत्तापक्ष के साथ विपक्ष की तीखी नोक-झोंक हुई। नोक-झोंक के बाद हंगामा और फिर हंगामा। दो बार सदन की कार्रवाई स्थगित करने पड़ी। पहले 10 मिनट के लिए फिर 5 मिनट के लिए। लेकिन जब विपक्ष ने क्वांटिफाइबल डाटा सदन में रखने की मांग उठाई तो सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों ने भी विरोध में हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद सदन की कार्रवाई दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले शीतकालीन विधानसभा सत्र के प्रारंभ में ही आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच सदन में गर्मागर्म बहस हुई। दोनों पक्षों ने विधेयक को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष ने आरक्षण संशोधन विधेयक पर स्थगन प्रस्ताव दिया और सदन की कार्रवाई रोककर स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने कहा कि, भाजपा के कारण प्रदेश में नियुक्तियां नहीं हो पा रही है। इन सवालों के बीच पक्ष-विपक्ष के बीच भारी हंगामा हुआ, जिससे सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विधायक जुनेजा ने उठाया सीमेंट संयंत्रों में ग्रीन बेल्ट पर सवाल
विधायक कुलदीप जुनेजा ने सीमेंट संयंत्रों में ग्रीन बेल्ट की स्थापना का मामला उठाया। ग्रीन बेल्ट के तहत लगाए जाने वाले पेड़ पर सवाल उठाए। मंत्री मोहम्मद अकबर ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, ग्रीन बेल्ट जिसे घोषित किया गया है, वहां पर्याप्त पौधे लगाए गए है। इस पर कुलदीप जुनेजा ने विधायकों की समिति गठित करने की मांग की। विधायक कुलदीप जुनेजा के सवाल पर स्पीकर ने पूछा- क्या मंत्री भौतिक सत्यापन कराएंगे? इस पर मंत्री अकबर ने भौतिक सत्यापन कराने भरोसा दिलाया। विधायक जुनेजा ने न्यूवोको, अल्ट्राटेक, न्यू विस्टा, अंबुजा, ईमामी सीमेंट संयंत्रों द्वारा लगाए गए पौधों की जानकारी मांगी।
विपक्ष ने भी दिया विधायक जुनेजा का साथ
वन मंत्री ने फैक्ट्रियों द्वारा आवंटित जगहों पर पौधे लगाने की दी जानकारी दी तो, उन्होंने विधायकों की समिति बनाकर जांच कराने की मांग की। इस दौरान विपक्ष ने भी कुलदीप जुनेजा का साथ दिया। विधायकों की समिति से जांच की मांग को लेकर सदन में हंगामा मच गया। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि अब तक किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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