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क्राइम

लूट के इरादे से कोटा के पेट्रोल पंप में गोली चलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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नाम गिरफ्तार आरोपी :

  1. अब्दुल इरशान पिता अब्दुल रसीद उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम दुलकोट थाना नियानगंज जिला धौलपुर राजस्थान हाल मुकाम मुरूम खदान अटल आवास सरकण्डा थाना सरकण्डा जिला बिलासुपर छ.ग.।
  2. शेख मुस्तफा पिता शेख रोशन उम्र 25 वर्ष निवासी स्थाई पता संजय नगर तालापारा हाल मुकाम मुरूम खदान अटल आवास सरकण्डा जिला बिलासुपर छ.ग.।
  3. अब्दुल खान पिता खलील खान उम्र 26 वर्ष निवासी स्थाई पता संजय नगर तालापारा हाल मुकाम मुरूम खदान अटल आवास सरकण्डा जिला बिलासुपर छ.ग. ।

बिलासपुर। दिनांक 03.01.2023 को पुष्कर पेट्रोल पंप का मैनेजर कोमल पात्रे थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 03.01.2023 की रात्रि करीब 08:00 बजे एक मोटर सायकल में तीन नकाबपोश व्यक्ति पेट्रोल पंप में पेट्रोल डलवाने आये और पेट्रोल पंप का रेकी कर पुनः कुछ मिनट में लौटकर तीनो नकाबपोश व्यक्ति एक स्पलेडर मोटर सायकल में तेजी से पेट्रोल पंप के ऑफिस के सामने रूके और बन्दुक से गोली चला दिये था कैशियर से नगदी रकम के लूट का प्रयास कर रहे थे। प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना कोटा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर के निर्देश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र जायसवाल , अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राहुल देव शर्मा व पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोटा आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में तत्काल 15 सदस्यीय टीम गठित कर आरोपियों के धरपकड़ हेतु तत्काल सभी थाने क्षेत्र में नाकेबंदी किया गया तथा आरोपियों के पतासाजी टीम द्वारा लगातार थाना क्षेत्र एवं बिलासपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दबिश देकर आरोपियों का पतासाजी किया गया।

आरोपियों की पतासाजी हेतु कोटा, तखतपुर, रतनपुर, लोरमी, जूनापारा, बेलगहना, गौरेला-पेण्ड्रा के लगभग 300 गांव में आरोपियों के संबंध में पतासाजी की गई तथा लगभग 500 से अधिक सीसीटीव्ही कैमरे का अवलोकन किया गया व 100 से अधिक संदेहियों से पूछताछ की गई। इस पूछताछ के थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर के हत्या एवं हत्या के प्रयास के लम्बे समय से फरार आरोपी जलील खान एवं अलताफ खान को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही थी एवं घटनास्थल पुष्कर पेट्रोल पंप से मिले सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर आरोपियों द्वारा पहने जैकेट व घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल को सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से लगातार प्रचारित किया जा रहा था इसी दौरान मुखबीर द्वारा सूचना दिया गया कि प्रचारित किये जा रहे उक्त जैकेट पहना हुया व्यक्ति सरकण्डा अटल आवास मुरूम खदान में रहता है जो ऑटो चलाने का काम करता है सूचना पर तत्काल घेराबंदी कर बताये गये संदेही को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ किया गया। जिसने घटना घटित करना स्वीकार किया तथा घटना में शामिल अन्य 02 व्यक्ति शेख मुस्तफा एवं अब्दुल खान निवासी मुरूम खदान अटल आवास सरकण्डा का बताया जिस पर अन्य दोनो आरोपियों का पतासाजी कर हिरासत में लिया गया आरोपियों से बारीकी से पूछताछ किया गया जिन्होंने बताया कि घटना का आरोपी अब्दुल इरसान जो मूलतः घौलपुर राजस्थान का रहने वाला है जिसका रिस्तेदार शेख मुस्तफा के घर रिस्तेदारी में आने के दौरान देशी कट्टा के संबंध में बताने पर शेख मुस्तफा द्वारा उक्त देशी कट्टा को अब्दुल इरसान के साथ धौलपुर जाकर देशी कट्टा को लाना और तीनों आरोपियों द्वारा मिलकर लूट की योजना बनाना बताया गया तथा कोटा की घटना के पूर्व दिनांक 27.12. 2022 को दो आरोपियों शेख इरसान एवं शेख मुस्तफा के द्वारा थाना कोनी क्षेत्र के तुर्काडीह अंडरब्रिज के पास स्टेशन मास्टर के सिर में कट्टा अड़ाकर उसके मोटर सायकल स्पलेण्डर सीजी 10 एन.ए. 9783 एवं नगदी रकम तथा मोबाईल को लूट करना बताया उसके बाद उसी लूट के मोटर सायकल को काले रंग से पेन्ट कर नंबर प्लेट को निकाल कर दिनांक 03.01. 2023 को तीनों आरोपियों द्वारा लूटपाट करने के इरादे से कोटा क्षेत्र में जाना और रात्रि करीब 08:00 बजे कोटा स्थित पुष्कर पेट्रोल पंप में जाकर लूट के इरादे से गोली चलाना और कैशियर से नगदी रकम लूटने का प्रयास किया गया।

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आरोपियों द्वारा उक्त घटना में असफल होने से अन्य घटना कारित करने की योजना बना रहे थे एंव पतासाजी के लिए पुलिस द्वारा लगातार सीसीटीव्ही फुटेज को प्रचारित किया जा रहा था जिससे बचने के लिए आरोपियों द्वारा मो.सा. के रंगरूप में परिवर्तन कर मो.सा. को छिपा दिया गया था। प्रकरण के आरोपियों से घटना में प्रयुक्त 01 नग 315 बोर का देसी कट्टा, 01 नग जिन्दा कारतूस, 01 नग खाली खोखा, घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल काले रंग का पेंट, मोटर सायकल का नंबर प्लेट, डिक्की, मोबाईल, जैकेट, गमछा बरामद कर जप्त किया गया है तथा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, आरोपियों से और भी पूछताछ जारी है।

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सम्पूर्ण कार्यवाही में एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र वैष्णव, थाना प्रभारी कोटा निरीक्षक दिनेश चंद्रा, उप निरीक्षक अजय वारे, प्रभाकर तिवारी, सउनि कठौतिया, प्र.आर. बलवीर सिंह, देवमुन पुहुप, नीलाकर सेठ, आरक्षक दीपक उपाध्याय, दीपक यादव, गोविंद शर्मा, सत्या कुमार पाटले, निखिल जाघव, प्रशांत सिंह, बोधुराम कुम्हार, विरेन्द्र गंधर्व, आशीष वस्त्रकार एवं थाना कोटा की पूरी टीम की महत्वपुर्ण भुमिका रही।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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