छत्तीसगढ़
अवैध निर्माण कार्यों के नियमितीकरण से 1.86 करोड़ की राजस्व वसूली
बिलासपुर। नगरीय क्षेत्रों में अनियमित विकास के नियमितीकरण से जिले में 1 करोड़ 86 लाख रूपये की राजस्व प्राप्त हुई है। कलेक्टर सौरभकुमार की अध्यक्षता में आयोजित टीएल की बैठक में यह जानकारी दी गई। कलेक्टर ने अभियान चलाकर इस योजना के दायरे में और अधिक लोगों को लाने को कहा हैै। बिना मंजूरी के किये गये अवैध निर्माण कार्यों को नियमित करने की राज्य सरकार की यह अच्छी जनहितैषी योजना है। नियमित हो जाने के उपरांत राज्य सरकार का कोई भी विभाग भवन मालिकों को नोटिस अथवा अन्य किसी तरह से परेशान नहीं कर पाएंगे।
कलेक्टर ने टीएल बैठक में आज राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर सौरभकुमार ने कहा कि बिलासपुर में अगले सप्ताह 13 से 23 फरवरी तक राष्ट्रीय स्तर का सरस मेला होने वाला है। इसमें प्रदेश के सिभी जिलों के अलावा विभिन्न राज्यों से महिला स्व सहायता समूह अपने उत्पाद का विक्रय एवं प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने मेले की सफलता के लिए सौंपे गये जिम्मेदारियों का संजीदगी के साथ निर्वहन करने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि राजीव गांधी भूमिहीन श्रमिक योजना के लाभ से अभी भी पात्र हितग्राही छूटे हुए हैं। सभी से सम्पर्क कर उनसे आवेदन लिया जाये। जिले में 37 हजार लोगों को इस योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 7 हजार रूपये की अनुदान राशि मिलती है। अधिकारियों ने बताया कि इस माह की 20 तारीख तक गोठानों से गोबर पेण्ट का निर्माण शुरू हो जायेगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ज्यादा लोगों को काम दिया जाये। फिलहाल 65 हजार श्रमिक प्रतिदिन काम में लगे हैं। जरूरत पड़ी तो और नये काम स्वीकृत किये जाएंगे। कलेक्टर ने अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब की गतिविधियों की भी समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ जयश्री जैन, डीएफओ कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त कुणाल दुदावत सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
