छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ मिलेट कॉर्निवल: सुभाष स्टेडियम में आयोजन की तैयारी, पैकेज्ड मिलेट उत्पादों का होगा प्रदर्शन
रायपुर। सुभाष स्टेडियम में 17 से 19 फरवरी तक छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल का आयोजन होने जा रहा है। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और आईआईएमआर इंडियन इंस्टीस्च्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इस आयोजन में प्रतिभागियों और आगंतुकों के साथ मिलेट की विशेषताओं को साझा करने के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी। साथ ही मिलेट में मांग पैदा करने के लिए मिलेट स्टार्ट-अप अपने पैकेज्ड मिलेट उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे।
मिलेट के व्यंजन बनाना सिखाएंगे शेफ
आयोजकों के अनुसार मिलेट कार्निवाल का उद्देश्य मिलेट को लोगों के दैनिक आहार में शामिल करने तथा इसके पोषक मूल्य के प्रति जनजागरूकता लाना है। यहां नामी-गिरामी शेफ मिलेट के नए-नए व्यंजन बनाना सिखाएंगे। यहां एक फूड कोर्ट भी होगा जहां लोग मिलेट से बने व्यंजनों का जायका ले पाएंगे।
रोजाना शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी
इसके अलावा मिलेट की खेती के पर्यावरणीय लाभों के बारे में युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों द्वारा नुक्कड़ नाटक और स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर खरीदी
छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां कोदों, कुटकी को 30 रूपए प्रति किलो के समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। वहीं रागी 33.77 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है। इस सीजन में अब तक सरकार ने 38 हजार क्विंटल कोदो, कुटकी, रागी की खरीदी की है। पिछले सीजन में 50 हजार क्विंटल की खरीदी हुई थी।
राजीव गांधी न्याय योजना में प्रति एकड़ 9 हजार
राज्य केबिनेट ने मिलेट के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी न्याय योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की राशि घोषणा की है। सीएसआईडीसी ने मिलेट आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कुछ चुंनिदा ब्लाकों में जमीन, संयंत्र एवं उपकरण पर 50% सब्सिडी की योजना पेश की है।
बता दें कि 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा हुई है। उसके बाद छत्तीसगढ़ में 10 जनवरी 2022 को मिलेट मिशन का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को राज्य सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी तथा रागी खरीदने का निर्देश दिया। इसी अवसर पर लघु वनोपज संघ ने भी आईसीएआर से अनुबंध किया जिसके तहत आईआईएमआर मिलेट मिशन के नॉलेज पार्टनर बने। राज्य में मिलेट उत्पादों की खपत बढ़ाने के लिए, पीडीएस, आंगनबाड़ी एवं मिड डे मील में मिलेट उत्पादों को शीघ्र ही शामिल करने की योजना है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
-
Uncategorized4 days agoदीपावली से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा: कल जारी होगी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त, अमित शाह करेंगे राशि ट्रांसफर
-
Uncategorized5 days agoछत्तीसगढ़ पुलिस में 128 पदों पर निकली भर्ती, बस्तर फाइटर्स आरक्षक के लिए 2 नवंबर से शुरू होगा आवेदन
-
Uncategorized7 days agoपीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को दी जीत की बधाई, कहा- ‘ग्लोबल साउथ’ की उन्नति के लिए मिलकर काम करेंगे
-
Uncategorized3 days agoAmit Shah in Hyderabad: राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोले- असली संसद में कभी PM नहीं बन पाएंगे
-
Uncategorized15 hours agoAsian Champions Trophy 2026: भारत ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जापान को 4-1 से रौंदा, छठी बार जीता खिताब
