छत्तीसगढ़
बिलासपुर : कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी ग्रामीणों और किसानों की समस्याएं

बिलासपुर| कलेक्टर सौरभ कुमार ने आज यहां जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में शहर सहित दूर-दराज गांवों से आए ग्रामीण किसानों से मिलकर उनकी सामुदायिक और व्यक्तिगत समस्याएं इत्मीनान से सुनी। तत्काल हल हो सकने वाली समस्याओं का निदान कर गंभीर किस्म की समस्याओं को टीएल में पंजी करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कलेक्टर से आज लगभग 300 लोगों ने मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताई।
जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर आए वार्ड क्र. 42 चन्द्रशेखर आजाद नगर बरखदान के निवासियों ने वार्ड में मूलभूत सुविधा के अभाव के संबंध में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनका वार्ड नगर निगम में आने के बाद किसी भी तरह का विकास नहीं किया जा रहा है। नाली, पेयजल सुविधा दिलाने के लिए कलेक्टर के समक्ष निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले को टीएल में लेते हुए नगर निगम कमिश्नर को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बेलगहना तहसील के कोनचरा निवासी श्री प्यारेलाल गंधर्व ने कलेक्टर से मुलाकात कर सिंचाई के लिए मंशीन पंप एवं पाइप दिलाने आवेदन दिया।
कलेक्टर ने आवेदन को टीएल में लेते हुए उप संचालक कृषि को सौंपा। सकरी तहसील के करहीपारा निरतु के राजेश लोनिया ने कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उनकी निरतु में भूमि है, जिसके समीप एक शासकीय भूमि भी लगी हुई। इस शासकीय भूमि पर कुछ लोगों द्वारा बेजा कब्जा कर लिया गया है। लोनिया ने इस शासकीय भूमि से बेजा कब्जा हटवाने की बात कहीं ताकि उन्हें अपनी भूमि से आवागमन के लिए रास्ता मिल सके। कलेक्टर ने एसडीएम तखतपुर को इस मामले की जांच करते हुए रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मस्तूरी तहसील के भटचौरा निवासी श्री करन कुमार ने सीमांकन की नकल दिलवाने की गुहार लगाई। आवेदन को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एसडीएम मस्तूरी को कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम चिल्हाटी निवासी रामफल मान्ड्रे ने अपनी समस्या बताते हुए कलेक्टर के समक्ष उनकी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। मान्ड्रे ने बताया कि कुछ बिल्डर्स और उनके साथियों द्वारा उनकी जमीन बलपूर्वक हथिया ली गई है। कलेक्टर ने इस मामले को एसडीएम बिलासपुर को सौंपा है। देवरीखुर्द की अनिता गोड़ ने निराश्रित पेंशन दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपा।
ग्राम पंचायत गिरधौना के निवासियों ने सरपंच के द्वारा मजूदरी की राशि गबन करने संबंधी शिकायत की। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि उनके ग्राम पंचायत में तालाब सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न कार्य कराएं गए। जिसके मजदूरी का भुगतान सरपंच द्वारा 1 वर्ष होने के पश्चात् भी नहीं किया गया। कलेक्टर ने मामले को टीएल में लेते हुए तखतपुर जनपद पंचायत सीईओ को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है



















