छत्तीसगढ़
CG: बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू, जल्द करें आवेदन
जदगलपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षित बेरोजगारों को प्रतिमाह ढाई हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के लिए शिक्षित बेरोजगारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्र शिक्षित युवा को प्रथमतः एक वर्ष के लिए बेरोजगारी भत्ता देय होगा। यदि व्यक्ति विशेष को एक वर्ष की उक्त अवधि में लाभकारी नियोजन नहीं हो पाता है तो बेरोजगारी भत्ते की अवधि एक वर्ष के लिए और बढ़ाई जा सकेगी। किसी भी प्रकरण में यह अवधि दो वर्ष से अधिक नहीं होगी।
बेरोजगारी भत्ता के लिए पात्रता
आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। आवेदन किये जाने वाले वित्तीय वर्ष के 01 अप्रैल को आवेदक की आयु 18 से 35 वर्ष के मध्य हो तथा आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम हायर सेकेण्डरी (12वीं उत्तीर्ण) शैक्षणिक योग्यताधारी हो। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र में पंजीकृत हो एवं आवेदन के वर्ष के 01 अप्रैल को हायर सेकेण्डरी अथवा उससे अधिक योग्यता में उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक के आय का कोई स्त्रोत न हो एवं आवेदक के परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से अधिक न हो। इसमें परिवार से तात्पर्य है पति पत्नी एवं आश्रित बच्चे एवं आश्रित माता-पिता से है।
बेरोजगारी भत्ता के लिए नियम एवं शर्तें
एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। यदि किसी परिवार के किसी व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है तो दूसरा व्यक्ति अपात्र होगा। आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य को केन्द्र अथवा राज्य सरकार की किसी भी संस्था अथवा स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या ग्रुप-डी को छोड़कर अन्य नौकरी होने पर ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिये अपात्र होगा। यदि आवेदक को स्वरोजगार या शासकीय अथवा निजी क्षेत्र में किसी नौकरी का ऑफर दिया जाता है, परंतु आवेदक ऑफर स्वीकार नहीं करता है तो ऐसा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। पूर्व और वर्तमान मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और संसद या राज्य विधानसभाओं के पूर्व या वर्तमान सदस्यों, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर और जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। 10 हजार रुपये या उससे अधिक की मासिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगी परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे।
पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरने वाले परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिये अपात्र होंगे। अन्य पेशेवर जैसे इंजीनियर डॉक्टर वकील चार्टर्ड एकाउंटेंट और पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत आर्किटेक्ट के परिवार के सदस्य बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होंगे। बेरोजगारी भत्ते की विस्तृत योजना की प्रति रोजगार विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी जनपद एवं नगरीय निकाय सभी आवेदकों का पूर्ण रिकॉर्ड रोजगार विभाग द्वारा निर्धारित प्रपत्र में अपने पास रखा जाएगा। संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय द्वारा आवेदन का परीक्षण कर यह निर्णय लिया जाएगा कि आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिये पात्र है अथवा नहीं। पात्र आवेदकों को बेरोजगारी भत्ते की स्वीकृति संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय द्वारा जारी की जाएगी एवं उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि संबंधित निकायों द्वारा की जायेगी। जिन आवेदकों को जनपद पंचायतों नगरीय निकायों द्वारा बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया गया है, उन्हें बेरोजगारी भत्ते की राशि सीधे उनके बैंक खाते में रोजगार विभाग द्वारा प्रतिमाह अंतरित की जाएगी। यदि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले को किसी प्रकार का रोजगार प्राप्त हो जाता है तो यह बेरोजगारी भत्ते हेतु अपात्र हो जायेगा एवं उसे तत्काल संबंधित जनपद पंचायत या नगरीय निकाय को सूचित करना होगा और तत्पश्चात् संबंधित जनपद पंचायत नगरीय निकाय द्वारा उन्हें बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आदेश पारित किया जाएगा और बेरोजगारी भत्ते की राशि उन्हें अंतरित करना बंद कर दिया जाएगा।
संबंधित जनपद पंचायत नगरीय निकाय हर माह में बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों की जांच कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अभी भी बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिये पात्र है या अपात्र हो गये है। अपात्र हितग्राहियों को नोटिस जारी कर और सुनवाई के पश्चात् अपात्र होने की स्थिति में उनका बेरोजगारी भत्ता बंद करने का आदेश संबंधित जनपद पंचायत, नगरीय निकाय पारित करेंगे तथा उन्हें बेरोजगारी भत्ते की राशि प्रदाय करना बंद कर दिया जाएगा। जिन लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा उन सभी लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। कौशल विकास प्रशिक्षण के पश्चात् उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता की जाएगी और यदि वे कौशल विकास प्रशिक्षण में भाग लेने से इनकार करते है या ऑफर किया गया रोजगार स्वीकार नहीं करते हैं, तो उनका बेरोजगारी भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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