क्राइम
समाज प्रमुख एवं ग्रामीणों ने बिरनपुर घटना की कड़ी निंदा की, कलेक्टर ने की अमन चैन और शांति बनाएं रखने की अपील

बेमेतरा जिले में ग्राम बिरनपुर की घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन, पुलिस के आला अफसरों और सर्व समाज प्रमुखों एवं ग्रामीणों के साथ शांति समिति की बैठक ग्राम बिरनपुर में हुई। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा और दुर्ग संभाग के आईजी श्री आनंद छाबड़ा की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक में सर्व समाज प्रमुखों ने बिरनपुर में हुई घटना की कड़ी निंदा की। प्रतिनिधियों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाये रखने की सहमति जताई।
शांति समिति की बैठक में कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने सामाजिक सद्भावना-आपसी भाईचारे के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्हांेने समाज प्रमुखों से कहा कि बिरनपुर की घटना में शांति भंग करने में जो भी व्यक्ति शामिल हैं, उन सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाही की जाएगी। बैठक में सर्व समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कहा कि हम गांव में लंबे समय से साथ रह रहे हैं। पर्व त्यौहार भी साथ में मनाते रहे हैं। मतभेदों को साथ में बैठकर सुलझाएंगे और यह प्रयास करेंगे कि भविष्य में ऐसी परिस्थिति उत्पन्न ना हो।
कलेक्टर ने शांति समिति की बैठक में कहा कि बिरनपुर गांव में सभी समाज के लोग सदियों से साथ रहते आये हैं। कुछ घटनाओं के कारण मतभेद हुए हैं, आपस में बैठकर मतभेद सुलझाये। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी। सभी लोग अमन चैन और शांति बनाए रखने में सहयोग करें, प्रशासन आपके साथ है। उन्होंने कहा गांव में राशन, बिजली, पानी सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में मदद दी जाएगी। गांव में एक स्वास्थ्य की टीम तैनात की गई है जो इलाज के साथ दवाईयां आदि उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक आई कल्याण एलेसेला सहित सर्व समाज के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
अफवाहों से रहे दूर: पुलिस अधीक्षक श्री एलेसेला
शांति समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक ऐलसेला ने ग्रामीणों को समझाईश देते हुए कहा कि आप अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचिए, उन्हें अच्छी शिक्षा दीजिये ताकि बच्चे अपना कैरियर बना सके। उन्होंने कहा कि हम सब को मिलकर समस्या के समाधान की दिशा में कार्य करना होगा।
पुलिस अधीक्षक एलेसेला ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिलेवासियों से अपील करते हुए धारा-144 का पालन करने, किसी भी असामाजिक तत्वों के बहकावे में ना आने कहा। उन्होंने अफवाहों से बचने, फेक वीडियो, फेक फोटो, या किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट जिससे किसी भी धार्मिक आस्था या व्यक्ति की छवि धूमिल हो सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट करने से बचने की समझाईश दी।
उन्होंने कहा कि जिले के किसी भी स्थान में भीड़ इकट्ठा ना करें। शांति व्यवस्था बनाए रखने ड्यूटी पर तैनात पुलिस के अधिकारी जवानों का सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस से मदद की आवश्यकता है तो पुलिस से मदद लीजिये।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।



















