छत्तीसगढ़
प्रदेश के सभी नगर निगमों में भवन निर्माण का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया हुई ऑनलाईन
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आज तीन नगर निगमों भिलाई चरौदा, धमतरी और बिरगांव में ऑनलाइन भवन अनुज्ञा सिस्टम शुरू किया है। इन नगर निगमों में इस सुविधा का शुभारंभ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया द्वारा अपने निवास कार्यालय से किया गया। इन तीन नगर निगमों में यह सुविधा शुरू होने के साथ ही प्रदेश के सभी नगर निगमों में भवन निर्माण का नक्शा पास करने की प्रक्रिया ऑनलाईन हो गई है।
प्रदेश की 11 नगर निगमों में ऑनलाईन भवन अनुज्ञा परियोजना पहले ही प्रारंभ हो चुकी है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी शहरों में चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा सिस्टम प्रारम्भ किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के तीन शहरों को आधुनिक बनाने की कड़ी में एक बड़ा कदम है। इस सेवा के माध्यम से, शहरों में भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया गया है।
इस सॉफ्टवेयर की विशेषताएं बहुत उत्कृष्ट हैं। इसमें सभी फिजिकल टच प्वाइंट को हटाया गया है, जिससे नागरिकों को भवन अनुज्ञा से संबंधित कार्य हेतु कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है, दस्तावेजों का परीक्षण भी ऑनलाइन होगा एवं ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। नागरिकों को अब इस सुविधा का घर पर ही लाभ मिलेगा और कार्य के लिए खिड़की में कतार लगाने या निकाय कार्यालय आने की ज़रूरत नहीं है।
अधिकारियों के लिए भी इस सॉफ्टवेयर में समय-सीमा तय की गई है, जिससे यह सुविधा नागरिकों को समय-सीमा में दी जा सके।इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से, छत्तीसगढ़ मॉडल के डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रोजेक्ट को भी इन शहरों में प्रारंभ किया गया है, अर्थात इन शहरों के नागरिकों को अब केवल एक क्लिक और एक रुपए में 5000 वर्ग फुट तक के घर बनाने की अनुमति मिलेगी। मुख्यमंत्री स्वयं डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रोजेक्ट की समीक्षा नियमित रूप से करते हैं।इस प्रक्रिया के माध्यम से, शहरों को भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को एक सरल, त्वरित और आसान सिस्टम में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित इस सॉफ्टवेयर का विकास नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स द्वारा नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन के तहत किया गया है। इस शुभारंभ समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभाग के सचिव डॉ. अय्याज तंबोली, सूडा के सीईओ सौमिल रंजन चौबे, तीनों शहरों के महापौर एवं आयुक्त के साथ अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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