छत्तीसगढ़
ABVP के राष्ट्रीय प्रतिनिधि मंडल ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री को सौंपा पत्र

नई दिल्ली| अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर कोविड काल में छात्रों को हो रही शिक्षा संबंधित समस्याओं पर चर्चा की और 17 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। अपने मांगपत्र में अभाविप ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तुरंत क्रियांवन, सभी प्रकार की छात्रवृत्ति को बढ़ाने , कोरोना काल में शुल्क माफ़ी एवं NET क्वालिफ़ाई छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रारम्भ करने जैसी विशेष माँगें मांगपत्र में शामिल किया गया।
आनलाइन शिक्षा के संदर्भ में विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जाएँ, ई पुस्तकालय और पठन सामग्री को उपलब्ध कराया जाए, साथ ही साथ विद्यार्थियों को किश्तों में शुल्क देने की सुविधा प्रदान की जाए आदि माँगों को शामिल किया।कोविड संबंधी नियमों का पालन करते हुये शैक्षणिक संस्थानों को अति-शीघ्र खोले जाने की माँग की है। उच्च- शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों को कोविड से सुरक्षित रखने हेतु टीकाकरण अभियान की माँग भी रखी गयी।

अभाविप का मानना है कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वन हेतु यूजीसी को निश्चित दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए जिससे समय सीमा के अंदर उच्च-शिक्षण संस्थान NEP के प्रावधानों को लागू कर सकें। शिक्षा जगत में निजी संस्थानों एवं कोचिंग संस्थानों द्वारा मनमानी ढंग से शुल्क में वृद्धि करने जैसी अराजकता को रोकने के लिए शुल्क नियंत्रक कानून बनाया जाए, निजी शिक्षा क्षेत्र में हो रहे फ़र्जीवाड़े को रोकने हेतु राष्ट्रीय स्तर पर एक शैक्षिक न्यायाधिकरण (Educational Tribunal) की स्थापना शीघ्र की जाए, भारत केंद्रित पाठ्यक्रम का पुनरावलोकन अतिशीघ्र किया जाए, स्वावलंबी शिक्षा को देखते हुए कृषि विज्ञान शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में अतिशीघ्र जोड़ा जाए, राष्ट्रीय एकात्मता को बनाए रखने हेतु प्रत्येक राज्य की भाँति तमिलनाडू राज्य में भी जवाहर नवोदय विद्यालय खोले जाएं, शिक्षा मंत्रालय को सामाजिक कल्याण, अल्पसंख्यक, महिला एवं बाल कल्याण जैसे विभागों के साथ समन्वय में काम करना चाहिए ताकि छात्रों से संबंधित विषय पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इसी के साथ साथ कोरोना की परिस्थिति के दौरान राज्य विश्वविद्यालयों एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के सत्र निजी शैक्षणिक संस्थानों की तुलना में पीछे रह गए है। इस समस्या के समाधान हेतु शैक्षणिक कैलेण्डर बनाया जाए ।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं जामिया मिलिया इसलामिया में अनुसूचित जाति व जनजाति को संविधान सम्मत आरक्षण उपलब्ध कराया जाए, योग एवं आयुर्वेद को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए आदि मुख्य सुझावों को सम्मिलित किया है।
अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री सुश्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि,” पिछले दो वर्षों में कोरोना के कारण जिन समस्याओं से शिक्षा क्षेत्र जूझ रहा है उनके समाधान को प्रतिनिधि मण्डल ने शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा है। शिक्षा मंत्री ने सभी विषयों का संज्ञान लिया एवं जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है ।”प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, सभी राष्ट्रीय मंत्री, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक एवं डुसु अध्यक्ष उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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