क्राइम
पेट्रोल पंप के काउंटर से 40200 रूपये चोरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर। आरोपी सौरभ कुमार दिनांक 26.04.2023 के रात्रि लगभग 8:00 बजे रेलवे स्टेशन से बाइक चोरी कर ले गया था और दिनांक 29.04.2023 के रात्रि मस्तूरी रोड में अपने दोस्त रितेश उर्फ टोबो वर्मा के साथ घूमने गया था दर्रीघाट में गाड़ी पंचर हो गया कह कर अपने दोस्त राहुल को बुलाया राहुल अपने दोस्त शाहिद खान के साथ दर्रीघाट गया राहुल अपनी गाड़ी में शाहिद खान और सौरभ देवांगन को बिठा कर लाया आरोपी रितेश उर्फ टोबो वर्मा मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 10 ई क्यू 8194 में अकेले आया और ढेका रोड में स्थित राहुल पेट्रोल पंप में पेट्रोल और हवा भरवाने रूके हवा भरवा कर पेट्रोल डलवाने आया 70 रूपये का पेट्रोल डलवा कर पेट्रोल डालने वाले के साथ चिल्हर पैसा लेने केबिन के अंदर गया पेट्रोल डालने वाला व्यक्ति पैसा देकर केबिन से निकल गया दराज में रखे पैसे को देखकर आरोपी सौरभ उर्फ छोटू देवांगन की नीयत बिगड़ गई और वह दराज में रखे 40200 रूपये को निकालकर अपने साथी रितेश उर्फ टोबो वर्मा के साथ निकल गया शेष अन्य 2 साथी पेटीएम से पैसा पेमेंट कर अपने मोटरसायकल में पेट्रोल भरवाए उन्हें आरोपी सौरभ देवांगन के हरकत के बारे में भनक भी नही लगी और वे दोनो वहां से अपने अपने घर निकल गए।
आरोपी सौरभ देवांगन अपने साथी रितेश उर्फ टोबो वर्मा के साथ पुलिस से बचने के लिए सिमगा भाग गया तथा पुलिस से बचने लिए लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा रात्रि सिमगा में मोबाइल बंद कर अपने निवास स्थान चिंगराजपारा वापस आकर लुक छुप कर रह रहा था दिनांक 02.05.2023 को सूचना मिली कि सौरभ अपने अपने शरीर में महंगे टैटू बनवा रहा है इसकी सूचना जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह(भापुसे), अति0 पुलिस अधीक्षक (शहर) राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार को दी गई जिस पर तत्काल अज्ञात आरोपी की पता तलाश कर धरपकड करने के निर्देश प्राप्त हुए जिसके परिपालन में थाना प्रभारी तोरवा सुनील तिर्की के नेतृत्व में तत्काल टीम तैयार कर मौके पर पहुंची आरोपी सौरभ देवांगन उर्फ छोटू को घेराबंदी कर पकड़ा गया जिससे पूछताछ करने पर पहले आरोपी घटना करने से इंकार कर गुमराह करता रहा लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार किया आरोपी के कब्जे से चोरी के मोटरसाइकिल कीमती 30000 रूपये व नगदी रकम 30000 रूपये जप्त किया गया आरोपी द्वारा 5000 रूपये रितेश उर्फ टोबो वर्मा को देना बताया और शेष 5000 रूपये खर्च करना बताया आरोपी रितेश उर्फ टोबो वर्मा के कब्जे से 5000 रूपये जप्त किया गया आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से आरोपियों को गिरफतार कर न्यायालय पेश किया गया है ।
प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी सुनील तिर्की, सउनि विदेशी राम साहू, भरत लाल राठौर ,प्रधान आरक्षक अशोक कश्यप , प्रमोद कसेर , आरक्षक कमलेश्वर शर्मा,सुनील सिंह , अशोक ,चंद्राकर यशपाल टंडन की अहम भूमिका रही।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।


















