छत्तीसगढ़
चिकित्सा क्षेत्र में श्री अनंत साईं हॉस्पिटल ने स्थापित किया नया कीर्तिमान, मध्य भारत में पहली बार बेहद जटिल एंजियोप्लास्टी को दिया गया अंजाम

रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में दिल की बीमारियों के इलाज के लिए प्रसिद्ध श्री अनंत साई अस्पताल में एक बेहद जटिल एंजियोप्लास्टी सर्जरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है। इस एंजियोप्लास्टी सर्जरी की सभी जगह चर्चाएं इसलिए भी हो रही हैं क्यों यह छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में अपनी तरह की पहली जटिल सर्जरी है; जिसे प्रसिद्ध इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पार्थ स्थापक ने अकेले ही संपन्न किया है। खास बात यह भी है कि यह सर्जरी पूरी तरह से मुफ्त में की गई है।
उड़ीसा के नुआपाड़ा जिले के एक छोटे से गांव के एक 45 वर्षीय मरीज को सीने में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ के साथ श्री अनंत साईं अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती किया गया। अस्पताल के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पार्थ स्थापक ने तुरंत इमरजेंसी की स्थिति को संभालते हुए और मरीज का एंजियोग्राफी किया। जिसमें पता चला कि दिल की तीन प्रमुख धमनियों में से दो धमनियां पूरी तरह से बंद थी। उस वक्त एक चुनौतीपूर्ण स्थिति थी, जबकि इन धमनियों को खोलना बेहद जटिल प्रक्रिया है।
हालांकि, असाधारण कौशल और विशेष अनुभवों के धनी डॉ. पार्थ स्थापक ने विशेष तकनीकों के माध्यम से बंद धमनियों को खोलने में कामयाबी हासिल कर लिया। रेट्रोग्रेड एंजियोप्लास्टी नामक तकनीक, जिसके जरिये पूरी तरह से बंद पड़ी धमनी को दूसरी तरफ की धमनी की छोटी शाखा के माध्यम से विशेष उपकरणों के जरिये खोला जाता है। इस विशेष उपकरण के जरिये डॉ. पार्थ स्थापक ने एक बंद धमनी को खोला तथा दूसरी धमनी को एक अन्य जटिल प्रक्रिया जिसे एन्टीग्रेड एंजियोप्लास्टी कहते हैं, के माध्यम से खोला गया। इस प्रक्रिया में विशेष तरह के तार व गुब्बारों का उपयोग किया जाता है।

प्रसिद्ध इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पार्थ स्थापक ने अकेले ही एक जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को अंजाम दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य में अपनी तरह का पहला जटिल एंजियोप्लास्टी सर्जरी प्रक्रिया है। आमतौर पर इस तरह की जटिल सर्जरी प्रक्रियाओं में देश के बड़े शहरों से विशेषज्ञों की टीम को बुलाया जाता है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि और भी उल्लेखनीय इसलिए बन गया है क्योंकि बीएसकेवाई योजना के तहत मरीज का पूरा इलाज मुफ्त में हुआ है। यह उपलब्धि सभी को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की श्री अनंत साईं अस्पताल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस बेहद जटिल व सफल सर्जरी के बाद मरीज की हालत अभी पूरी तरह से सामान्य है।
इस अभूतपूर्व जटिल एंजियोप्लास्टी सर्जरी की संपूर्ण सफलता ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित श्री अनंत साईं अस्पताल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बार फिर से अग्रणी चिकित्सा संस्थान बना दिया है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















