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गर्मी में Curly Hair का रखना पड़ता है ज्यादा ध्यान, नहीं तो बाल हो जाते है कमजोर और नाजुक… अपनाएं ये टिप्स

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बाल हमारी पर्सनलिटी में निखार लाने का काम करते हैं, इसलिए मेकअप के दौरान हेयर स्टाइल का चुनाव ऐसा किया जाता हैं, जो आपकी पर्सनलिटी और आपके चेहरे को पूरी तरह सूट करे. कई महिलाओं को स्ट्रेट बाल पसंद होते हैं तो कईयों को घुंघराले. आज हम बात करने जा रहे हैं Curly Hair की जिन्हें गर्मियों के दिनों में खास देखभाल की जरूरत पड़ती हैं. Curly Hair वालों को अक्सर बालों के कमजोर और नाजुक होने की समस्या का सामना करना पड़ता है.

यही नहीं, अच्छी देखभाल न मिलने की वजह से घुंघराले बाल फ्रीजी हो जाते हैं, इनका मॉइस्चर उड़ जाता है, जिससे बाल रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं. इसलिए आज इस कड़ी में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप घुंघराले बालों का अच्छे से ख्याल रख पाएंगे.

Curly Hair को वॉश करने के बाद उन्हें सुखाने के लिए पतले टॉवल का इस्तेमाल करें. मोटा टॉवल बालों को रूखा और कमजोर बना देता है जिससे बाल जल्दी टूटने लगते हैं. गर्मी में घुंघराले बालों की परेशानियों को दूर करने के लिए मुलायम तौलिए का प्रयोग करें. मोटे तौलिये घुंघराले बालों के क्यूटिकल्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इसके प्राकृतिक कर्ल पैटर्न को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं. खुरदुरे और मोटे तौलिए से बालों को सुखाने से बालों के टूटने का डर ज्यादा रहता है.

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Curly Hair को ब्रश करने की गलती बिल्कुल भी न करें. शैंपू करने से पहले अपने कर्ली बालों पर चौड़ी कंघी का इस्तेमाल करें. अपने बालों को धोने के बाद, अपनी उंगलियों को अपने बालों में चलाएं. दरअसल गीले बालों को ब्रश करने से टूटने और डैमेज होने की संभावना अधिक होती है साटन के तकिए पर सोने से आपको बेहतर नींद आएगी. यहां तक कि आप खुद को किसी राजकुमार और राजकुमारी से कम नहीं समझेंगे. साटन के तकिए का यह फायदा है कि आपके घुंघराले बाल बिल्कुल भी उलझेंगे नहीं. यहां तक कि आपके बालों में गांठे भी नहीं पड़ेगी.

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हेयर सीरम बालों के सुपरहीरो की तरह होता है, जो इन्हें उलझने से बचाता है. यह आपके बालों को पोषण देने के साथ इन्हें स्मूद भी बनाता है, जिससे बाल शाइन करते हैं और फ्रीज फ्री रहते हैं. जड़ों तक पहुंचे बिना अपने नम या सूखे बालों पर समान रूप से सीरम लगाना चाहिए. अगले वॉश तक आपके घुंघराले बालों में जबरदस्त शाइन दिखाई देगी.

बालों की सफाई उनकी देखभाल का पहला कदम है. शैम्पू बालों को साफ करने के साथ-साथ ड्राई भी करता है, क्योंकि यह बालों से तेल को खींचता है. बाकी बालों के लिए यह ठीक है, लेकिन Curly Hair के लिए नहीं क्योंकि आपके बाल पहले से ही ड्राई हैं. ऐसा शैम्पू चुनें जिसमें सल्फेट और पैराबीन बिल्कुल न हों. इसका सही तरीका यह है कि आप खास आपके हेयर टाइप के लिए बने शैम्पू इस्तेमाल करें. सामान्य शैम्पू में भी ऐसे शैम्पू चुनें जो केमिकल फ्री हों और जिसमें खुशबू एड न की गई हो.

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राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.

रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.

इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.

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धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

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धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.

कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.

आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.

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बिना सुविधाओं के रचा इतिहास : छोटे से गांव ने देश को दिए 17 अंतरराष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी….

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अहमदाबाद। गुजरात के महीसागर जिले का एक छोटा सा गांव रतुसिंह ना मुवाडा, जहां महज 100 घर हैं, आज देश भर में शतरंज क्रांति की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। बिना किसी महंगी अकादमी या बड़ी सुविधाओं के, इस गांव ने बीते चार सालों में 17 FIDE-रेटेड खिलाड़ी तैयार कर दिए हैं।

इस प्रेरणादायक बदलाव की नींव 2021 में रखी गई थी। गांव के  सरकारी प्राइमरी स्कूल ‘बाल वाटिका’ के 45 वर्षीय गणित शिक्षक संदीप उपाध्याय ने बच्चों को शतरंज सिखाने की मुहिम शुरू की। स्कूल की जर्जर हालत और सीमित संसाधनों के बावजूद, संदीप सर ने अपने वेतन का बड़ा हिस्सा बच्चों की एंट्री फीस, यात्रा खर्च, किताबों और चेस किट पर लगाकर उनके सपनों को पंख दिए। उनके इस संकल्प को ग्रैंडमास्टर अंकित राजपरा का भी साथ मिला, जो हर महीने गांव आकर बच्चों को मुफ्त कोचिंग देते हैं।

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उपलब्धियां और आंकड़े

मेडल व ट्रॉफी: खेत मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों के इन बच्चों ने अब तक 120 ट्रॉफी और 179 मेडल अपने नाम किए हैं।


टूर्नामेंट का प्रदर्शन: राज्य स्तर के 24 टूर्नामेंट्स में से 22 में गांव के बच्चों ने टॉप-3 में जगह बनाई।


विशेष पहचान: गांधीनगर के ‘स्टूडेंट्स चेस फेस्टिवल’ में बाल वाटिका को ‘बेस्ट इंस्टीट्यूट’ चुना गया। साथ ही, 21 बच्चों को सरकारी डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल में मुफ्त शिक्षा और कोचिंग के लिए चुना गया है।

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