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बिलासपुर: हेवंश पार्क होटल के सामने हुए मारपीट के 6 आरोपी गिरफ्तार अन्य की तलाश जारी

बिलासपुर। हेवंस पार्क होटल के सामने अवैध हथियार से आरोपियों द्वारा पीड़ित भास्कर वर्मा को पुरानी रंजीश की वजह से बदला लेने के लिए एक राय होकर फरसा नुमा हथियार से मारने के नियत से वार करने पर गंभीर चोट आने से इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती किया गया है ।
रिपोर्ट पर थाना तारबाहर में अपराध क्रमांक 135/23 धारा 147, 307, 294, 323, 506 पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष सिंह के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जायसवाल के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल (भा पु से) के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ACCU बिलासपुर एवं थाना तारबाहर की टीम को लगाया गया था। घटना स्थल निरीक्षण में आस पास लगे सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड फुटेज और तकनीकी साक्ष्य से आरोपियों की पहचान हुई है। आरोपी स्वयं ग्रुप के सदस्य होने पाए गए हैं। सभी आरोपियों की पहचान की गई ।
आरोपियों द्वारा घटना कारित करने उपयोग किए गए फरसानुमा हथियार, चाकू, तलवार को आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया गया है। आरोपियों से 2 कार 1 बाइक और 1 स्कूटी भी बरामद की गई है। काफी समय पहले पीड़ित भास्कर वर्मा ने आरोपी काव्य गढ़ेवाल और सिद्धार्थ शर्मा की पिटाई की थी, लड़ाई की वजह पुरानी दुश्मनी और लड़ाई का बदला लेने के लिए हमला करने की बात गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
आरोपियों का अपराध st/sc एक्ट एवम आर्म्स एक्ट के अंतर्गत होना पाया जाने से धारा जोड़ी गई है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। गिरफ्तार सभी 6 आरोपियों को 12 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
अन्य सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
काव्य गढ़ेवाल पिता उमेश गढ़ेवाल उम्र 19 वर्ष निवासी चकरभाठा और कोनी
सिद्धार्थ शर्मा पिता राकेश शर्मा उम्र 25 वर्ष, निवासी राजेंद्र नगर सिविल लाइन
प्रिंस शर्मा उर्फ निकेत शर्मा पिता ध्रुव कुमार शर्मा उम्र 31 वर्ष
निवासी कंस्ट्रक्शन कॉलोनी तारबाहर
आयुष मराठा पिता जितेंद्र राव गायकवाड उम्र 18 निवासी चांदनी चौक कुडुदंड
फरीद अहमद उर्फ सोनू खान पिता अब्दुल नजीर उम्र 28 वर्ष निवासी मंझुआ पारा सिविल लाइन
एम वरुण पिता एम सोमेश उम्र 24 वर्ष निवासी रेलवे कॉलोनी क्वार्टर नंबर 773/बी बिलासपुर
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।


















