क्राइम
गूगल पर मर्डर प्लान खोजना पड़ा भारी! फ्रेंड की हत्या कर टुकड़े-टुकड़े करने वाले को मिली उम्र कैद

Kerala News : गूगल सर्च इंजन जितना लोगों की समस्या दूर करने के लिए उपयोगी माना जाता है. उतना ही लोग इसका गलत प्रयोग करने में भी पीछे नहीं हैं. अक्सर लोग अपराध को अंजाम देने से पहले गूगल सर्च इंजन से इसके तौर तरीके और संबंधित वीडियो की तलाश करते हैं. इसके बाद अपने मंसूबों को पूरा करते हैं. लेकिन उनको यह नहीं पता कि यही उनकी अपराध में संलिप्तता का बड़ा सुराग भी होता है.मामला केरल के कोल्लम जिला के नादुविलक्करा गांव के 33 वर्षीय संगीत शिक्षक प्रशांत नांबियार का सामने आया है. नांबियार ने गूगल पर सब कुछ तलाशने के बाद अपनी महिला फ्रेंड की हत्या कर दी थी और उसके शव के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद उन्हें घर के पीछे एक गड्ढे में डाल दिया था. इस मामले में कोल्लम कोर्ट ने हत्यारोपी को उम्र कैद Life की सजा सुनाई है. मामला 20 मार्च 2020 का है.
जानकारी के मुताबिक पलक्कड़ जिले में एक शख्स ने गूगल सर्च में टाइप किया कि अपनी पत्नी को कैसे मारें? पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कुछ देर बाद ही 33 वर्षीय संगीत शिक्षक प्रशांत नांबियार ने अपने किराए के मकान में 42 वर्षीय अपनी दोस्त सुचित्रा पिल्लई की गला घोंटकर हत्या कर दी.
उस रात बाद में, प्रशांत फिर से ऑनलाइन आया और गूगल सर्च किया कि शव को ठिकाने कैसे लगाएं. साथ ही उसने फिल्में देखकर पुलिस को धोखा देने का तरीका भी सोचा. इस सब साजिश का पर्दाफाश गूगल सर्च रिकॉर्ड से सामने आया.बताते चलें कि कोल्लम के अतिरिक्त सत्र न्यायालय-1 ने सोमवार को प्रशांत को इसी जिले के नादुविलक्करा गांव की रहने वाली सुचित्रा की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. प्रशांत को 14 साल की जेल की सजा हुई है और उसे 2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी भरना होगा. यह दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी. बताया जाता है कि दोनों के संबंध की शुरुआत 2019 में हुई थी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने बताया कि दो बार तलाक दे चुकी सुचित्रा ने प्रशांत के साथ बच्चा पैदा करने की जिद की थी. लेकिन वो पहले से ही शादीशुदा था. पेशे से ब्यूटीशियन ट्रेनर सुचित्रा प्रशांत की पत्नी की दूर की रिश्तेदार थी. दोनों पहली बार 2019 में प्रशांत के बच्चे के नामकरण समारोह में मिले थे. सुचित्रा ने कथित तौर पर प्रशांत को अपने बच्चे का पिता बनने के लिए कहा. इस बीच उसने उससे 2.56 लाख रुपये भी ले लिए. प्रशांत को डर था कि अगर उसने बच्चे के लिए सहमति जता दी तो मामले का खुलासा हो जाएगा. इस सबसे तंग आकर ही उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के मुताबिक प्रशांत ने कहा था कि उन दोनों की मार्च में कुछ दिनों के लिए साथ रहने की योजना थी. इस बीच, प्रशांत ने अपनी पत्नी और बच्चे को कोल्लम में अपने घर और अपने माता-पिता को कोझिकोड भेज दिया. पुलिस ने दोनों के वॉट्सऐप चैट भी बरामद किए हैं. जिससे पता चलता है कि प्रशांत ने सुचित्रा को काले रंग की ड्रेस पहनने के लिए कहा था ताकि जब वह रात में उनके घर में प्रवेश करे तो किसी की नजर उस पर न पड़े. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, सुचित्रा 17 मार्च की सुबह घर से निकली और कोल्लम में ब्यूटीशियन ट्रेनिंग अकेडमी चली गई थी. उसने अपने परिवार को बताया कि वह एक क्लास लेने के लिए कोच्चि जा रही है.
दोपहर में, उसने यह कहकर अकादमी छोड़ दी कि वह एक बीमार रिश्तेदार से मिलने अलाप्पुझा जा रही है. उस शाम, प्रशांत ने उसे कोल्लम में राजमार्ग के एक सुनसान इलाके से लिया और 270 किलोमीटर दूर पलक्कड़ ले गया. फिर दोनों 20 मार्च तक प्रशांत के घर पर ही रहे. सुचित्रा ने ऑफिस से छुट्टी ले ली और अपने परिवार को बताया कि वह 22 मार्च को वापस आ जाएगी.
जानकारी के मुताबिक प्रशांत ने 20 मार्च की शाम को सुचित्रा पर हमला कर दिया. जैसे ही वह जमीन पर गिरी, प्रशांत उस पर बैठ गया और दोनों घुटनों को उसकी छाती पर दबा दिया. उसने उसका गला घोंटने के लिए एक बिजली के तार का इस्तेमाल किया. हत्या के बाद उसने उसके शरीर को एक चादर से ढक दिया.
23 मार्च को परिवार ने स्थानीय पुलिस में उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल खंगाली और प्रशांत को गिरफ्तार कर लिया.सुचित्रा को मौत के घाट उतारने के बाद उसने उसके शरीर से सोने के गहने उतार दिए. उसने उसके पैरों को घुटनों से नीचे काट दिया और घर के पीछे एक गड्ढा खोदा, जहां उसने शरीर के अंगों को ठिकाने लगा दिया. फिर उसने शरीर के अंगों पर पेट्रोल छिड़क कर अवशेषों को जला दिया. साथ ही गड्ढे को पत्थरों और सीमेंट के ब्लॉक से ढक दिया गया था ताकि कुत्ते खोदकर शव को बाहर न निकाल सकें. इसके बाद उसने उसके कपड़े और खून से सने अन्य सभी सामान जला दिए.
इस मामले के जांच अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त बी गोपाकुमार का कहना है कि उसकी कॉल हिस्ट्री के अलावा, पुलिस ने इंटरनेट डिटेल को फिर से निकाला, जिससे उन्हें उसके मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिली. इस मामले में सफलता उसके गूगल सर्च से मिली थी. इसमें उसने सर्च किया था कि कैसे आध्यात्मिक गुरु ने अपनी पत्नी की हत्या की. हत्या के बाद भी उसने ऑनलाइन लॉग इन किया था और शव को ठिकाने लगाने के तरीके के बारे में इंटरनेट पर खोज की थी. साथ ही उन फिल्मों को भी देखा जिसमें हीरो पुलिस को धोखा देने में कामयाब हुआ हो. इस सबके बाद भी आखिरकार वह पुलिस की गिरफ्त से नहीं बच सका.
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।



















