छत्तीसगढ़
बिलासपुर पूर्वी मंडल महिला मोर्चा की परिचयात्मक बैठक हुई संपन्न

बिलासपुर| कल मंगलवार को बिलासपुर पूर्वी मंडल महिला मोर्चा की परिचयात्मक बैठक संपन्न हुई ।इस बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा जयश्री चौकसे ने कहा भाजपा की रीढ की हड्डी कहे जाने वाली महिला मोर्चा की पार्टी में अहम भूमिका रहती है उसकी पहुच घर के रसोई घर तक रहती है ।वह अपने घर की जिम्मेदारी जिस बखूबी से निभाया करती है उसी प्रकार पार्टी के लिए भी पूरी लगन से काम करती है ।संगठन में उनकी भूमिका अतुलनीय है ।

उन्होंने आगे कहा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार को जो बहुमत महिलाओं के बलबूते मिला ।आज वह उसी महिला शक्ति की अनदेखी कर रही है। इसका परिणाम उसे भुगतना पड़ेगा ।गंगाजल की कसम खाने वाले शराबबंदी की बात कही थी आज झूठी साबित हो रही है ।प्रदेश में महिलाओं के को साथ अनाचार की घटना लगातार बढ़ती जा रही है ।महिलाओं में एक डर का माहौल पैदा हो गया है ।न जाने कब उनके साथ क्या हो जाए ।
बेटियों के पैदा होने से लेकर विवाह तक की सारी योजनाएं रमन सरकार प्रारंभ की और यह सरकार उन योजनाओं पर रोक लगा रही है| आधा कार्यकाल बीतने के बाद भी भूपेश सरकार महिलाओं से किए वादे की तरफ देख भी नहीं रहे हैं। जयश्री चौकसे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति की ताकत को कम आंक रही है । भूपेश सरकार की योजनाएं हमारी बहनों की प्रगति में लगातार बाधक है। उन्होंने प्रदेश की आधी आबादी की ताकत का एहसास दिलाने उपस्थित सभी बहनों को यहां से संकल्प लेकर जाने को कहा । साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हम कांग्रेस की सरकार को उखाड़ फेंकने और ढाई साल के बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प करवाया ।
मंडल के वरिष्ठ नेता उदय मजूमदार ने मंडल कार्यसमिति में बहनों से कहा कि विपक्ष में रहकर कार्य करना बड़ा दायित्व होता है। एक तरफ सरकार के कार्यों पर निगाह रखनी पड़ती है । दूसरी तरफ लगातार रचनात्मक कार्य करके अपनी साथी बहनों का उत्साह वर्धन भी करना होता है। क्योंकि राजनीति केवल विरोध का नाम नहीं बल्कि रचनात्मक विचारों से एक अच्छे भविष्य के निर्माण का भी कार्य है।
मंडल अध्यक्ष श्री निम्मा जिमनानी ने कहा महिला मोर्चा का जो कार्यक्रम निर्धारित किया है उसे मिलजुल कर सबको करना है ।पार्टी के सभी सदस्यों का हमेशा सहयोग मिलता रहेगा ।महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी यादव ने सभी अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया ।संचालन महामंत्री लोकेश्वरी राठौर ने किया और आभार मंडल प्रभारी प्रवीर सेनगुप्ता ने किया और कहा इसी तरह निरंतर महिला मोर्चा की बैठक होती रहे संवाद आपसी में जारी रहे।इस बैठक में मंडल की सभी पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य उपस्थित रही ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















