Connect with us

छत्तीसगढ़

सूरजपुर : शांतिपूर्ण चुनाव हेतु लायसेंसधारियों के शस्त्र जमा करने आदेश जारी

Published

on

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर द्वारा आदेश क्रमांक एफ-37-02 तीन (एक)- 3 पंचा. निर्वा. समय अनुसूची 2023 868 29 मई 2022 के माध्यम से जिला सूरजपुर अंतर्गत सरपंच के 1 रिक्त पद एवं पंच के 40 रिक्त पदों के पूर्ति के लिए उप निर्वाचन की समय अनुसूची (कार्यक्रम) जारी किया गया है। निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है।

शांतिपूर्ण चुनाव हेतु शस्त्र लायसेंसधारियों के शस्त्र, चुनाव अवधि के दौरान जमा कराया जाना अति आवश्यक है। उपरोक्त स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए मैं, संजय अग्रवाल, जिला मजिस्ट्रेट, सूरजपुर इस तथ्य से संतुष्ट हूँ कि सूरजपुर जिले के विकासखण्ड सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत उचडीह, रूनियाडीह, पेण्डरखी, पार्वतीपुर, कमलपुर, रविन्द्रनगर, विकासखण्ड भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत केनापारा, विकासखण्ड रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत देवनगर, लेडुवा, मदनेश्वरपुर, कल्याणपुर, रामानुजनगर, त्रिपुरेश्वरपुर विकासखण्ड प्रेमनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत ब्रम्हपुर, विकासखण्ड प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गोन्दा, विकासखण्ड ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहरसोप टोटको कछिया, मयूरधक्की, अवंतिकापुर, पासल, पेण्डारी, पकनी में निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने तथा लोक शांति व आम व्यक्ति की सुरक्षा हेतु सीमित अवधि के लिए सूरजपुर जिले के उपरोक्तानुसार क्षेत्रों जहाँ निर्वाचन सम्पन्न होना है, के सीमा क्षेत्र में शस्त्र लायसेंसधारियों से शस्त्र जमा करवा लेना आवश्यक है, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भय व आतंक का वातावरण निर्मित न हो सके तथा इन शस्त्रों का दुरूपयोग होने से रोका जा सके।

यह भी पढ़ें   CG : वासना में अंधी भाभी देवर को रोज बुलाती थी, तंग आकर देवर ने ले ली जान...

अतः दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 एवं आयुध अधिनियम 1959 की धारा 17 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सूरजपुर जिले के उपरोक्तानुसार क्षेत्रों जहाँ निर्वाचन सम्पन्न होना है, के सीमा क्षेत्र के भीतर रहने वाले समस्त शस्त्र लायसेंसधारियों को आदेशित करता हूँ कि ( इस आदेश की कंडिका 3 व कंडिका 4 में उल्लेखित व्यक्तियों, संस्था को छोड़कर शेष सभी शस्त्रधारी) अपने-अपने अस्त्र-शस्त्र निकटतम पुलिस थाना में तत्काल जमा करायें। यह आदेश उपरोक्तानुसार क्षेत्रों जहाँ निर्वाचन सम्पन्न होना है, में निवासरत सभी शस्त्र लायसेंसधारियों तथा बाहर के जिले से आये शस्त्र लायसेंसधारियों पर भी लागू होगा। सभी शस्त्र लायसेंसधारी आचार संहिता समाप्त होने के उपरांत अपने अस्त्र-शस्त्र वापस प्राप्त कर सकेंगे। इस आदेश से उपरोक्तानुसार क्षेत्रों जहाँ निर्वाचन सम्पन्न होना है, अंतर्गत समस्त शासकीय सार्वजनिक उपक्रम सेवाओं मे कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी को शासकीय कार्य सम्पादन हेतु प्रदायित शस्त्र, मान्यता प्राप्त बैंकों के सुरक्षा गार्ड, वित्तीय संस्थाओं के सुरक्षा गार्ड, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्ति, राष्ट्रीय रायफल संघ तथा उक्त क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों एवं महत्वपूर्ण शासकीय संस्थानों के सुरक्षा हेतु तैनात सुरक्षा गार्ड मुक्त रहेंगे। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी व्यक्ति, जिनके पास सुरक्षा के लिहाज से शस्त्र होना अति आवश्यक है, अनुज्ञप्तिधारी के आवेदन पर जिला स्तरीय गठित स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा विचार उपरांत इस आदेश से मुक्त रखने अथवा नहीं रखने के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। जिला स्क्रीनिंग कमेटी को दिये जाने वाले आवेदन कलेक्ट्रेट सूरजपुर के लायसेंस शाखा में दिया जा सकेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   बलरामपुर: छात्रों ने प्राचार्य पर लगाया अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   Bilaspur : चोरी करने वाला गिरोह चढ़ा मस्तूरी पुलिस के हत्थे, एक गिरफ्तार... दूसरा फरार

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ की झोली में सॉफ्टबॉल ने डाले 2 पदक और...

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   अवैध कबाड़ पर सिविल लाइन पुलिस की कारगर कार्यवाही

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   अम्बिकापुर : लाइफलाइन एक्सप्रेस द्वारा जांच व उपचार 17 मार्च तक

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending