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Chhattisgarh News : आज हुए लोकसभा चुनाव तो क्या छत्तीसगढ़ में पलटेगा पासा? सर्वे में आए हैरान कर देने वाले नतीजे

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने बड़ा कमाल किया है। उसने यहां पर प्रचंड जीत हासिल करके पहली बार किसी आदिवासी नेता को राज्य का सीएम बनाया है।

विधानसभा चुनावों से पहले हुए कई एग्जिट पोल में यहां पर कांग्रेस की वापसी बताई जा रही थी लेकिन जनता को वोटों ने सभी अटकलों और पोल को गलत साबित कर दिया।
विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किया बड़ा कमाल BJP ने 90 सीटों वाले राज्य में 54 सीटों पर विजय पताका फहराई तो वहीं कांग्रेस को मात्र 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

बीजेपी है डबल जोश में, लोकसभा चुनाव में जीतने का किया दावा इस चुनावी नतीजे ने बीजेपी को फिर से जोश में भर दिया है और उसने दावा किया है कि ‘लोकसभा चुनाव में भी यही हाल देखने को मिलेगा, जनता भगवा को चुनेगी और कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ेगी।

भाजपा को अपने ऊपर काफी घमंड हो गया: लेकिन कांग्रेस ने इससे उलट दावा किया है। उसका कहना है कि ‘हर चुनाव अलग होता है, लोकसभा चुनाव के परिणाम असेंबली इलेक्शन के नतीजों से ठीक उलट होंगे, भाजपा को अपने ऊपर काफी घमंड हो गया है इसलिए जनता उसका घमंड तोड़ेगी।’

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होगा तो वही जो जनता चाहेगी’ फिलहाल किसके दावे अब सही निकलेंगे या फिर गलत साबित होंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि होगा तो वही जो जनता चाहेगी।

छत्तीसगढ़ में किसी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी?

इसलिए उसके मन को टटोलने के लिए एबीपी के लिए सी वोटर ने एक सर्वे किया, जिसमें उसने जनता से सीधे प्रश्न किया था कि ‘अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो छत्तीसगढ़ में किसी पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी?’

‘छत्तीसगढ़ में लोकसभा की कुल 11 सीटें हैं’

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा की कुल 11 सीटें हैं। सर्वे के मुताबिक अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो छत्तीसगढ़ में भाजपा को 9-11 सीटें और कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलती नजर आ रही हैं।

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बीजेपी को 55 फिसदी वोट: सर्वे

वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी को 55 फिसदी और कांग्रेस को 37 फिसदी वोट मिलते दिख रहे हैं जबकि आठ फीसदी वोट अन्य को जा रहा है।

जनता बीजेपी के साथ-सर्वे
सर्वे के मुताबिक विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की जनता फिलहाल बीजेपी के ही साथ दिख रही है तो वहीं सर्वे के नतीजे कांग्रेस को अपने बारे में सोचने को मजबूर करते हैं।

ये है सीवोटर सर्वे का रिजल्ट

कुल सीटें 11
बीजेपी 9-11 सीटें
कांग्रेस 0-2 सीटें
क्या थी साल 2019 लोकचुनाव में राज्य की स्थिति

कुल सीटें 11
बीजेपी 9 सीटें
कांग्रेस 2 सीटें
सर्वे के हिसाब तो यहां फिलहाल स्थिति साल 2019 वाली ही दिख रही है। आपको बता दें कि एबीपी के सी वोटर ने ये सर्वे दिसंबर 2023 में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद किया है। ये सर्वे सभी 543 सीटों पर किया गया है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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