छत्तीसगढ़
Chhattisgarh: ड्रोन से पहुंचेगी दवा,अस्पताल तक इस मेडिकल कॉलेज का हुआ चयन, दिल्ली में होगी ट्रेनिंग,
Ambikapur Medical College: केंद्र सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के लिए अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज का चुनाव किया गया है. छत्तीसगढ़ से ये एक मात्र कॉलेज है जिसको इसके लिए चुना गया है
Ambikapur News: सड़क दुर्घटना या किसी वजह से मुख्य मार्ग बाधित होने पर जरूरी दवा और सैंपल, आपाकालीन चिकित्सा संसाधन को आवश्यकता वाले स्थल तक पहुंचाने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जाएगी. भारत सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्टर के तौर पर लिया है और देशभर के 650 मेडिकल कॉलेजों में मात्र 25 मेडिकल कॉलेजों का चयन ड्रोन इन हेल्थकेयर के परीक्षण के लिए किया गया है. इन 25 मेडिकल कॉलेजों में से अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज छत्तीसगढ़ का एकमात्र मेडिकल कॉलेज है.
आमतौर पर बड़ा हादसा सड़क होने या आंदोलनों की वजह से मार्ग बाधित होने पर जरूरी दवाओं की परिवहन भी थम जाती है. इसके कारण पहाड़ी और दूरस्थ अंचलों में न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधा प्रभावित होती है, बल्कि जरूरतमंदों को तत्काल सही उपचार अथवा दवाई नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है, कई बार मरीजों की मौतें भी हो जाती है. ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन पर लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के आरोप भी लगते हैं. केंद्र सरकार का मनाना है कि ऐसे विशेष परिस्थितियों में ड्रोन कैमरा बेहतर माध्यम है और सड़क बाधित होने के बाद भी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा अन्य आवश्यकता वाले स्थलों में जरूरी दवाईयां सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती है.
सरगुजा के लिए बड़ी उपलब्धि
बताया जा रहा है कि ड्रोन इन हेल्थकेयर के लिए केंद्र सरकार के द्वारा ऐसे मेडिकल कॉलेजों का इलाकों का चयन किया गया है जो पहाड़ों से घिरे हो अथवा पहुंच मार्ग बाधित होने की संभावना बनती हो. प्रथम चरण में प्रयोग के तौर पर कश्मीर जैसे इलाकें चयनित किए गए हैं. इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के अधीन उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चयन होने से इसे अंचल के लिए बड़ी उपलब्धी मानी जा रही है. भारत सरकार के द्वारा ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा.
ड्रोन दीदियों को दिल्ली में मिलेगा प्रशिक्षण
मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अम्बिकापुर के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने बताया कि शासन के द्वारा ड्रोन इन हेल्थकेयर के प्रयोग के लिए मेडिकल कॉलेज के अधीन समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर का किया गया है. इसके लिए दो महिलाओं को दिल्ली में प्रशक्षिण दिया जाएगा और इन महिलाओं को ड्रोन दीदी की संज्ञा दी जाएगी. आमतौर पर ड्रोन संचालन का प्रशक्षिण महंगा होता है, मगर केंद्र सरकार के माध्यम से चयनित महिलाओं को इसका प्रशक्षिण निःशुल्क दिया जाएगा.
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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