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Bilaspur: शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले एवं पैसों की मांग करने वाले आरोपियों पर पुलिस की कार्यवाही

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ग्राम खजुरी में शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय बिलासपुर के द्वारा लगाया गया था एनएसएस कैंप

आरोपी एवं 02 विधि से संघर्षरत बालकों को ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा गया।

  1. राजेश नेताम पिता तखतराम उम्र 20 साल साकिन खजुरी थाना हिरी,
  2. अभिमन्यु यादव पिता प्रेमयादव उम्र 18 साल साकिन खजुरी,
  3. ब्रिजेश कुमार श्रीवास पिता बेदप्रकाश श्रीवास उम्र 19 साल साकिन खजुरी थाना हिरी
  4. गौरव कौशिक पिता मुद्रीका कौशिक उम्र 23 साल साकिन कुरेली याना डिरी,

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी सहायक प्राध्यापक शासकीय जमुना प्रसाद वर्मा स्नातकोत्तर कला एवं बाणिज्य महाविद्यालय बिलासपुर द्वारा एक थाना प्रभारी के नाम से एक लिखित आवेदन पेश कर एफआईआर दर्ज कराया कि दिनांक 10.01.2024 को ग्राम पंचायत खजुरी में एनएसएस का कार्यक्रम चल रहा था जिसमें थीम नशा मुक्त समाज के लिये कार्यक्रम चल रहा था उसी समय ग्रामीण राजेश नेताम, अभिमन्यु यादव, बृजेश कुमार श्रीवास, गौरव कौशिक,एवं अन्य के द्वारा शासकीय कार्यक्रम में बाध डालते हुये मां बहन की अश्लील गाली गुप्तार एवं जान से मारने की धमकी देते हुये एक राय होकर शराब पीने के लिये पैसा की मांग करते हुये हाथ मुक्का डण्डा से छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों से मारपीट कर व्यवधान उत्पन्न किये हैं।

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रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना के गंभीरता को देखते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय संतोष सिंह(भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) महोदया अर्चना झा, नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा श्री कृष्ण कुमार पटेल को अवगत कराकर उनके मार्ग दर्शन पर थाना प्रभारी हिरीं द्वारा थाना स्टॉफ एवं चकरभाठा/सकरी थाना स्टाफ के साथ तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुये 04 आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत 02 बालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो शराब के नशे में जुर्म करना स्वीकार किये। उनके विरूद्ध सदर धारा अपराध घटित करना सबूत सिद्ध पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

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संपूर्ण कार्यवाही में वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना हिर्री के उप निरीक्षक सुरेश शर्मा, सहायक उप निरीक्षक भूनेश राम साहू, प्रधान आर0 1024 बृजेश मिश्रा, प्र०आर० 1038 नरेश बड़ा, आरक्षक 1390 संतोष मरकाम, 1049 कृष्ण कुमार कपूर, 447 श्याम साहू, एवं अन्य स्टॉफ सहित थाना चकरभाठा और सकरी के पेट्रोलिंग पार्टी स्टॉप एवं साईबर सेल बिलासपुर का विशेष योगदान रहा।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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