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थाना सिटी कोतवाली की बडी कार्यवाही अलग अलग मामलो में किया गया 05 नग स्कुटी कीमती 1.90,000 रूप्ये किया गया बरामद

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थाना सिटी कोतवाली जिला बिलासपुर छ.ग.अपराध क्रमांक – 09/2024 धारा – 379 भादवि अपराध क्रमांक – 12/2024 धारा – 379 भादवि
अपराध क्रमांक – 14/2024 धारा – 379 भादवि इस्तागाश क्रमांक – 01/2024

अलग अलग मामलो में किया गया 05 नग स्कुटी कीमती 1.90,000 रूप्ये किया गया बरामद

विवरणः- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी बिंदा प्रसाद कश्यप पिता स्व0 राम स्वरूप कश्यप साकिन शिखा वाटिका के पीछे मधुबन रोड दयालबंद, प्रार्थी संतोष लाल हंसपुर्मा पिता स्व0 सोहन लाल उम्र 49 साल साकिन पोस्ट आफिस गली टिकरापारा थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर एवं प्रार्थी आतम चंद गिदवानी पिता स्व0 हटकन दास गिदवानी उम्र 72 साल साकिन समृध्दि हास्पीटल जगमल चौक तोरवा बिलासपुर क्रमशः दिनंाक 04.01.2024, 06.01.2024 एवं 08.01.2024 को थाना सिटी कोतवाली उपस्थित आकर अपनी स्कुटी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 09/2024 धारा 379 भादवि, अपराध क्रमांक 12/2024 धारा 379 भादवि, अपराध क्रमांक 14/2024 धारा 379 भादवि पंजीबद्ध कर वरिष्ट अधिकारियो को अवगत कराया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय संतोष कुमार सिंह द्वारा आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने निर्देश दिया गया। जिसके परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र कुमार जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली पूजा कुमार के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर द्वारा थाना स्तर पर टीम गठित कर आरोपी की पता साजी की जा रही थी

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विवेचना दौरान मुखबिर सूचना मिली की एक विधि संघर्षरत बालक चोरी की मोटर सायकल बेचने ग्राहक तलाश कर रहा है मुखबिर के निशानदेही पर विधि से संघर्षरत बालक को मधुबन रोड दयालबंद में एक्टिवा वाहन के साथ पकडा गया। विधि से संघर्षरत बालक से एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 10 ए.एक्स 7049 के संबंध में पूछताछ किया गया, विधि से संघर्षरत बालक द्वारा पहले पुलिस को गुमराह किया गया,

परिजनो के समझ कडाई से पूछताछ करने पर चोरी करना स्वीकार किया गया। विधि से संघर्षरत बालक के निशान देही पर उसके घर से 02 अन्य वाहन एक्टिवा क्र. सीजी 10 बी.जी. 6254 एवं एक्टिवा क्र. सीजी 10 एक्स 4306 को बरामद किया गया जो थाना सिटी कोतवाली अपराध क्रमांक 12/2024 धारा 379 भादवि एवं अपराध क्रमांक 14/2024 धारा 379 भादवि का होना पाया गया। विधी से संघर्षरत बालको के विरूद्ध परिजनो की उपस्थित में विधिवत कार्यवाही की गई।

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इसी क्रम आज दिनांक 12.01.2024 को मुखबिर सूचना पर थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा मधुबन रोड दयालबंद में चोरी के एविटर वाहन बेचने हेतु ग्राहक तलाश करते एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक को पकडा गया। विधि से संघर्षरत बालक से उक्त बिना नंबर एपिटर वाहन, इंजन नंबर BK4GN1405326 के संबंध में पूछताछ करने पर पहले पुलिस को गुमराह किया गया, परिजनो के समझ कडाई से पूछताछ करने पर उक्त एपिटर वाहन को तोरवा क्षेत्र से चोरी करना स्वीकार किया गया।

विधि से संघर्षरत बालक के निशान देही में उसके घर से एक अन्य जुपिटर वाहन, इंजन नंबर JF21E9150941 को जप्त किया गया। विधि से संघर्षरत बालक के विरूद्ध इस्तगाशा क्रमांक 01/2024 धारा 41(1-4) जा.फौ./379 भादवि तैयार कर परिजनो की उपस्थित में विधिवत कार्यवाही की गई। जप्त स्कुटी वाहनो के वाहन स्वामी की पता तलाश की जा रही है।

विशेषयोगदानः-निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर, उनि बसंत कुमार साहू प्र.आर. निर्मल सिंह, फुलसिंह बड्डे, आर. गोकुल जांगडे, नुरूल कादिर, प्रेम सूर्यवंशी

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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