छत्तीसगढ़
बिलासपुर :कलेक्टर ने औद्योगिक कचरा एवं कोल डस्ट प्रबंधन के संबंध में ली बैठक
बिना ढके कोल डस्ट परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
औद्योगिक कचरा प्रबंधन के निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति गठित
बिलासपुर, 17 जनवरी 2024/ कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र एवं पेण्ड्रीडीह बायपास इलाके में औद्योगिक कचरा प्रबंधन एवं कोल डस्ट प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिकारियों एवं जिला उद्योग संघ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने बिना ढके कोल एवं अन्य खनिजों के परिवहन किये जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए खनि विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि खनिज विभाग के निरीक्षक लगातार गश्त के दौरान इन पर निगाह रखें। उल्लंघन किये जाने पर तत्परता से कार्रवाई कर वाहन जब्त कर नियमानुसार अधिकतम जुर्माना भी लगाए। प्रदूषण का एक बड़ा कारण बिना ढके कोल डस्ट परिवहन को माना गया है। बड़ी संख्या में इलाके में कोल वाशरी हैं, जो कोल डस्ट लेकर शहर एवं बायपास से होकर गुजरते हैं।
सिरगिट्टी औद्योगिक एरिया में कचरा प्रबंधन को लेकर भी स्थायी व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। उनके निर्देश पर नगर निगम एवं सीएसआईडीसी के बीच एक अनुबंध भी किये जाने पर सहमति बनी है। जिसके अनुसार नगर निगम सिरगिट्टी औद्योगिक एरिया का कचरा उठायेगा। डोर टू डोर कचरा उठाने के साथ ही चिन्हांकित जगह से कचरा उठायेगा और इसका नियमाुनसार डिस्पोजल करेगा।
इसके एवज में एक निश्चित शुल्क भी सीएसआईडीसी नगर निगम को अदा करेगी। गौरतलब है कि सिरगिट्टी बिलासपुर जिले का एक बहुत पुराना औद्योगिक एरिया है। लगभग सवा 4 सौ छोटे-बड़े औद्योगिक इकाईयां 900 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किये गये हैं। औद्योगिक कचरों का स्थायी एवं समुचित निबटान व्यवस्था नहंी किये जाने पर कचरा अस्त-व्यस्त पड़े रहता है, जो कि गंदगी एवं प्रदूषण का एक बड़ा कारण बना है।
कलेक्टर ने दोनों पक्षों को अनुबंध कर एक सप्ताह में सफाई व्यवस्था सुचारू तरीके से चलाने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षेत्र की साफ-सफाई एवं प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था के सतत निरीक्षण के लिए बिलासपुर एसडीएम की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति भी गठित की गई है।
समिति में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीएसआईडीसी, डीआइसी,खनि विभाग एवं नगर निगम के अधिकारी शामिल किये गये। प्रति सप्ताह निरीक्षण कर प्रतिवेदन देंगे। कलेक्टर ने कोल डस्ट एवं खनिजों के परिवहन वाली गाड़ियों में एक सूचना बोर्ड भी चस्पा करने को कहा है। इसमें पता चलेगा कि गाड़ी कहां से आ रही है और कहां तक जायेगी, इसका प्रदर्शन होना चाहिए।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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