छत्तीसगढ़
Chhattisgarh : प्राण-प्रतिष्ठा के दिन कई घरों में गूंजी किलकारी, परिजनों ने कहा- भगवान राम और माता सीता का हुआ आगमन
Raigarh : अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर के मेडिकल कॉलेज और एमसीएच में 34 बच्चों ने जन्म लिया है. कोई राम नाम रखने की बात कह रहा है तो कोई रघुवर.
Raigarh News : अयोध्या में श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन ही छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर के मेडिकल कॉलेज और एमसीएच में 34 बच्चों ने जन्म लिया है. शुभ घड़ी में जन्म लेने वालों का नाम परिजनों ने भगवान राम और सीता पर रखने की मंशा जताई है. कोई राम नाम रखने की बात कह रहा है तो कोई रघुवर. बालिका का नाम सीता, जानकी जैसे नाम परिजनों ने बताए है. कई लोगों को अस्पताल में रहने पर इसकी जानकारी ही नहीं है. ऐसे में जानकारी के बाद खुशी जताते हुए घर में विचार के प्रभु के नाम पर नाम रखने की बात कही है.
22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुआ. इसकी जानकारी के बाद अस्पतालों में डिलीवरी के लिए कतार लग चुका था. रायगढ़ जिले में भी ऐसे ही नौबत बनी. 22 जनवरी को रायगढ़ शहर के मेडिकल कॉलेज में करीब 32 बच्चों ने जन्म लिया है. जिसमें से 17 बालक और 15 बालिका है. 14 की डिलीवरी नॉर्मल तरीके से हुआ है. वहीं 18 का ऑपरेशन से डिलीवरी कराया गया है. इसी तरह मातृ एवं शिशु अस्पताल में 2 बालिकाओं ने जन्म लिया है. कई परिजन इसी तिथि का इंतजार करते हुए अस्पताल पहुंचे थे. डिलीवरी के बाद उनके खुशी का ठिकाना नहीं है. बालक और बालिका जन्म होने पर परिजनों में खुशी का माहौल है. सभी अलग-अलग तरह के नाम बता रहे है.
बेटी हुई तो परिजनों ने नाम रखा जानकी
मेडिकल कॉलेज में 22 जनवरी को 32 बच्चों का जन्म हुआ. बड़े डुमरपाली के रहने वाले अमित डनसेना ने बताया कि उनकी पुत्री हुई है. ऐसे माता सीता के जुड़े नाम रखना चाहते है. उन्होंने जानकी नाम रखने की मंशा जताई है. अस्पताल से छुट्टी के बाद घर में नामकरण कराएंगे. इसी तरह तुरेकेला निवासी विजय की पुत्री हुई है उन्होंने माता सीता के नाम रखने की बात कही. सभी ने इस दिन बच्चों का जन्म पर खुशी जताई है.
पुत्र हुआ तो राघव पुत्री हुई तो मैथिली
रायगढ़ के जुट मिल क्षेत्र में रहने वाले दीपक ने बताया कि उन्होंने पहले से ही नाम सोच लिया था. दो दिन पहले ही मेडिकल कॉलेज में पत्नी को भर्ती कराया था. जहां 22 जनवरी को नॉर्मल डिलीवरी में उसे पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई. ऐसे में उन्होने बच्चे का नाम राघव रखा है. उन्होंने बताया कि पहले से ही पुत्र या पुत्री दोनों के लिए नाम सोच रखा था. पुत्री होती तो उसका नाम मैथिली या जानकी रखते. पुत्र हुआ तो राघव नाम रखा है.
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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