क्राइम
Mp News : तीन बच्चों की मां ने प्रेमी पर उड़ाए 20 लाख रुपये, कामवाली बाई ने साफ की शराब कारोबारी की अलमारी

Morena News : मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने एक रोचक चोरी का खुलासा किया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में एक शराब ठेकेदार के घर पर साफ सफाई करने वाली बाई काम करती थी। तीन बच्चों की मां 20 साल छोटे प्रेम के प्यार में इतनी पागल हो गई कि उसके कहने पर अपने मालिक के घर पर चोरी की।
कामवाली बाई अपने मालिक की तिजोरी में से 20 लाख रुपए नगद और जेवरात चुरा लिए। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए कामवाली बाई और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही उनके कब्जे से 4 लाख रुपए नगद और चोरी गए जेवरात बरामद का लिए है।
पुलिस से जानकारी अनुसार सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित न्यू आमपुरा रजिस्ट्रार कार्यालय के पास नीरज शर्मा अपने परिवार के साथ रहते हैं। नीरज पेशे से शराब कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर है। विगत 13 नवंबर को उसने अपने घर की अलमारी में 18 लाख रुपये से भरा बैग रखा था। दो दिन बाद उसने बैग खोलकर देखा तो उसमें से पूरे 6,00,000 चोरी हो गए थे।
संदेह होने पर नीरज ने अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। इसके बाद नीरज ने फिर से 12 जनवरी को सात लाख रुपये से भरा बैग रखा। 2 दो दिन बाद उसने बैग में रखे रुपये निकालकर देखे तो उसमे से दो लाख रुपये फिर कम निकले। ठेकेदार ने इसकी शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें कोई बाहरी लोग घर के अंदर आता-जाता नजर नहीं आया। इसके बाद पुलिस को काम करने वाली नौकरानी पर शक हुआ तो उसका मोबाइल फोन चैक कर के देखा। फोन में महिला के अलावा उसके प्रेमी के साथ न्यू कार के फोटो नजर आए। तो पुलिस का शक गहरा हो गया।
इसके बाद पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को उठाकर सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों से 4 लाख नगद 12 लाख के सोने चांदी के जेवरात बरामद किए। इसके अलावा एक स्विफ्ट कार भी बरामद की है। यह कार आरोपी ने 3 लाख रुपये जमा कर अपने भाई के नाम से खरीदी थी। बाकि सामान की बरामदगी के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला तीन बच्चों की मां है। महिला को अपनी उम्र से 20 साल छोटे बेरोजगार लड़के से प्यार हो गया था। उसने प्रेमी की जरूरतों को पूरा करने शराब कारोबारी के घर में ही चोरी करना शुरू कर दिया।
एएसपी अरविंद ठाकुर के जानकारी अनुसार विगत एक माह पूर्व हुई 20 लाख की चोरी ट्रेस की गई है। पुलिस ने चोरी गए माल में से 4 लाख नगद और 12 लाख के जेवरात बरामद कर लिये हैं। इसमे मुख्य आरोपी घर में काम करने वाली नौकरानी है। शेष माल की बरामदगी के प्रयास किये जा रहे है।
क्राइम
Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
क्राइम
CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
क्राइम
Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।






















