छत्तीसगढ़
कछुआ चाल से बन रही घटिया सड़क : जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया, लोग हो रहे हादसों का शिकार

अभनपुर से पांडुका तक 33 किलोमीटर तक बनने वाली यह सड़क अपने निर्माण काल में ही लोागें के लिए परशानी का सबब बन गई है।
श्यामकिशोर शर्मा- राजिम। तस्वीर में दिख रहा यह दृश्य आपको राजिम-पांडुका मार्ग पर देखने को मिलेगा। इस सड़क को बनाने वाला ठेकेदार इतना गैरजिम्मेदार है कि, जगह-जगह से खोद दिया और छोड़ दिया। लोग आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, अभी पिछले तीन दिनों से मौसम खराब चल रहा है, लिहाजा यह स्थान कीचड़ और दलदल से सराबोर है। दुपहिया सवारों को बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में तो एक बार लोग देख-परख कर चल रहे हैं, परंतु रात में सामने वाली गाड़ी की तेज रोशनी से चौंधियाकर धराशायी भी होना पड़ रहा है। वर्षों से बन रहे इस सड़क का काम कब पूरा होगा? ये बताने के लिए कोई नहीं है। क्योंकि अधिकारी और ठेकेदार इस संबंध में कुछ भी बताने से साफ इंकार करते हैं।
रोज गुजरते हैं हजारों वाहन
मालूम हो कि, जिस ठेकेदार ने अभनपुर से पांडुका 33 किलोमीटर तक का यह काम कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुआ। यह काम अब तक धीरे-धीरे ही चल रहा है। जबकि इस मार्ग से ढेर सारी लंबी रूट की यात्री गाड़ियां, बड़ी बसें, मिनी बस, ट्रक, मेटाडोर, आदि से लेकर हजारों की संख्या में बाइक सवारों का आना-जाना है। इस रूट पर पड़ने वाले गांव खासतौर से सुरसाबांधा, श्यामनगर, कोपरा, सरकड़ा, पांडुका से लेकर राजधानी मुख्यालय रायपुर और जिला मुख्यालय गरियाबंद आने-जाने वाले हजारों लोग रोज परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीण परेशान, जनप्रतिनिधियों से गुजारिश
इस सड़क के निर्माण कार्य को लेकर रोज ग्रामीणो का फोन अखबार के दफ्तरों में आता ही है। लोग कहते हैं कि, इस सड़क को कैसे भी करके जल्दी बनाने के लिए आपके अखबार के माध्यम से पहल कीजिए ना। बता दें कि, कछुआ चाल से निर्माण होने के साथ-साथ ये काम गुणवत्ताहीन भी हो रहा है। जिसे चेक करने के लिए शायद कोई नहीं है। गरियाबंद के कलेक्टर, एसपी जैसे बड़े अफसरों को आए दिन राजधानी भी आना-जाना पड़ता है। इसकी भी परवाह संबंधित ठेकेदार और विभाग के अधिकारियों को नहीं है। ग्रामीणों ने क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि, वे इस काम को प्राथमिकता में रखकर शीघ्र गुणवत्तापूर्ण कराए जाने के लिए निर्देशित करें।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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