Connect with us

छत्तीसगढ़

Bilaspur: छत्तीसगढ़ को अयोध्या तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी, नए राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रस्ताव

Published

on

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी से की मुलाकात

सड़क परियोजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी पर हुई चर्चा

केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1383 करोड़ रुपए के कार्यों की स्वीकृति का किया अनुरोध

8 जुलाई 2024. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से उनके निवास पर मुलाकात की। उन्होंने गडकरी के निवास कार्यालय में हुई बैठक में राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं तथा आदिवासी क्षेत्रों में एवं अयोध्या तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में सड़क परिवहन को और अधिक सुलभ व सुविधाजनक बनाने नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा, जिन पर केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और राहुल भगत तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी और भारत सरकार के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बैठक में राज्य की सामाजिक और आर्थिक उन्नति तथा सुदूर आदिवासी वनांचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए नए राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रायगढ़-धरमजयगढ़-मैनपाट-अंबिकापुर-उत्तरप्रदेश सीमा तक कुल 282 किमी तक के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। श्री साय ने बताया कि यह मार्ग प्रदेश के चार जिलों से होकर गुजरता है एवं धार्मिक नगरी अयोध्या से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।

यह भी पढ़ें   CG Corona Update: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना के 16 नए मरीज, 14 हुए स्वस्थ

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा-राजनांदगांव-भानुप्रतापपुर-अंतागढ़-नारायणपुर-गीदम-दंतेवाड़ा-सुकमा मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह 482 किमी लंबा राज्य के कुल 6 राष्ट्रीय राजमार्गों एवं 5 जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके निर्माण से बस्तर का नक्सल प्रभावित क्षेत्र मुख्य मार्ग से जुड़ेगा एवं नक्सल गतिविधियों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर से तीन राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। उन्होंने एनएच 130बी से एनएच 53 को जोड़ने वाले मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग की। इसके एनएच घोषित होने से रायपुर शहर का रिंग रोड पूर्ण रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इनके साथ ही रतनपुर-लोरमी-मुंगेली-नांदघाट-भाटापारा-बलौदाबाजार मार्ग, केंवची-पेंड्रारोड-पसान-कटघोरा मार्ग, मुंगेली-नवागढ़-बेमेतरा-धमधा-दुर्ग-झलमला मार्ग, राजनांदगाँव-मोहला-मानपुर मार्ग और पंडरिया-बजाग-गाड़ासरई मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 में कटघोरा से अंबिकापुर तक फोर लेन चौड़ीकरण करने तथा एनएच क्रमांक 53 पर टाटीबंध से तेलीबांधा तक सुरक्षित यातायात की दृष्टि से सरोना चौक, उद्योग भवन, और तेलीबांधा चौक पर ग्रेड सेपरेटर निर्माण की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की वार्षिक योजना 2024-25 में एनएच 30 में धमतरी से जगदलपुर और एनएच 130बी में रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ मार्ग फोर लेन करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने रायपुर-दुर्ग एनएच 53 के दो जंक्शन सिरसा गेट एवं खुर्सीपार जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर निर्माण की स्वीकृति का भी आग्रह किया।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: 35 हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, फसलों को रौंदकर किया बर्बाद

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी को अवगत कराया कि केंद्रीय सड़क निधि के अंतर्गत 1383 करोड़ रुपए लागत के 13 कार्यों के प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे गए हैं। उन्होंने इन प्रस्तावों को जल्द स्वीकृत करने का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर में आगामी नवम्बर में होने वाले इंडियन रोड कॉंग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री को आमंत्रण दिया। केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने सड़कों की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रस्तावों पर जल्द से जल्द सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   बिरयानी सेंटर में चल रहा था लाखों का सट्टा, 20 लाख के सट्टे के साथ दो गिरफ्तार....

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   सैलानियों को जल्द मिलेगी ’तांदुला इको फ्रेंडली टूरिज्म पार्क’ की सौगात

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   CG Mansoon Update: चार दिन और लेट होगा मानसून, जानिए ताजा अपडेट

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   CG Mansoon Update: चार दिन और लेट होगा मानसून, जानिए ताजा अपडेट

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   टीकाकरण में आएगी तेजी, कोविशील्ड की 2 लाख डोज पहुंची छत्तीसगढ़

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending