क्राइम
Bilaspur News: मार्निंग वाक पर निकली महिला की गले में पहने मंगलसूत्र छिनकर भागा था, बाईक सवार आरोपी
चैन स्नैचर पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार
नए क़ानून में चेन स्नैचिंग के लिए विशेष रूप से दिए गए धारा 304 के तहत कार्यवाही
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर चैन स्नेचिंग के 04 आरोपियो को 12 घंटे के भीतर पकड़ने में सिविल लाईन पुलिस को मिली बड़ी सफलता।
मार्निंग वाक पर निकली महिला की गले में पहने मंगलसूत्र छिनकर भागा था, बाईक सवार आरोपी
200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया व आरोपियों को मुखबीर सूचना पर घेराबंदी कर दबिश देकर पकड़ा गया।
आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल एवं छिने गये मंगलसूत्र जुमला कीमती 2 लाख रूपये को बरामद कर जप्त किया गया।
नाम आरोपी –
01- शेख फैजुद्दीन ऊर्फ लाल पिता शेख नसिरूद्दीन उम्र 19 साल साकिन तैयबा चौक खान बाड़ी गली नंबर 02 थाना सिविल लाईन बिलासपुर
02- कृष्णा उपाध्याय ऊर्फ मोहन पिता संजीव कुमार उम्र 20 साल पता अग्रसेन चौक लिंक रोड बुखारी पेट्रोल पंप के सामने बिलासपुर
03- श्रीदीप शर्मा पिता राजेन्द्र शर्मा उम्र 19 साल साकिन 27 खोली बिलासपुर
04- तनिष्क सलूजा पिता अविनाश सलूजा उम्र 21 साल साकिन अजीत अपार्टमेंट पुराना हाईकोर्ट के पास थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर
मामले का विवरण – इस प्रकार है कि प्रकरण प्रार्थिया डांक्टर मेघा दाभडकर उम्र 58 साल पता तिलक नगर थाना सिविल लाईन बिलासपुर की थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि दिनांक 23.07.2024 को सुबह करीबन 05.00 बजे अपने पति अरूण दाभडकर के साथ मार्निंग वाक के लिये निकले थे। वह अरपा नदी के किनारे रिवर व्यू मिक्सिंग प्लांट के पास मार्निंग वाक कर रही थी और उनका पति करीबन 500 मीटर की दूरी पर विपरीत दिशा पर मार्निंग वाक रहे थे, कि समय करीबन 05.35 बजे एक अज्ञात मोटर सायकल चालक तेजी से महिला के पास आया और उसके गले में पहनी सोने के मंगलसूत्र को झपटमारी (चैनस्नेचिंग) कर ले गया, झपटमारी से उसके हाथ में मंगलसूत्र का एक भाग रह गया।
सोने का लाकेट माला सहित जिसमें काले रंग का मोती और बीच में सोने का लाकेट है को ले गया। कि प्रार्थिया के रिपोर्ट पर थाना सिविल लाईन में धारा 304 बी एन एस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पतासाजी में लिया गया एवं घटना के संबंध में तत्काल पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री राजनेश सिंह को अवगत कराया जाकर उनके निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय शहर श्री उमेश कश्यप व नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सिविल लाइन श्री उमेश प्रसाद गुप्ता (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में सिविल लाईन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के द्वारा आरोपी की पतासाजी हेतु अलग अलग टीमो का गठन किया गया।
घटना स्थल से साक्ष्य सबूत सीसीटीवी फुटेज निरीक्षण आधार पर पतासाजी शुरू की गई व मुखबीरों को सक्रिय किया गया। लगातार पुलिस ने अथक मेहनत व परिश्रम से 12 घंटे लगातार दिन रात परिश्रम करके 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया व संदेही को मुखबीर सूचना पर घेराबंदी कर दबिश देकर पकड़ा गया एवं उसे हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जिसने अपने अन्य साथियों के पास सामान को मिलकर बेचना बताया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल व छिनाझपटा गया मंगलसूत्र जुमला कीमती 02 लाख रूपये को बरामद कर जप्त किया गया हैा सभी आरोपियों को विधिवत गिरफतार कर लिया गया है ।
उपरोक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना सिविल लाईन निरीक्षक प्रदीप कुमार आर्य, प्र आर नवीन सोनकर, आरक्षक सोनू पाल, पुन्नी लाल खांडे, देवेन्द्र दुबे, विरेन्द्र राजपूत, नितेश सिंह की सराहनिय भूमिका रही है। पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह(IPS) ने उक्त उत्कृष्ट कार्य के लिए सिविल लाइन थाने के सभी कर्मचारियों की विशेष सराहना की है।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















