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Chhattisgarh Interstate Betting Racket: छत्तीसगढ़ के इस जिले में इंटर-स्टेट सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़.. किराये के मकान से चल रहा था पूरा रैकेट, पढ़ें SP के खुलासे  

Chhattisgarh Interstate Betting Racket:       बलौदाबाजार-भाटापारा: जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Chhattisgarh Interstate Betting Racket: बलौदाबाजार-भाटापारा: जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा गिरोह का बड़ा खुलासा करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पंजाब, नेपाल, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए हैं। (Chhattisgarh Interstate Betting Racket Busted) आरोपियों द्वारा RUVIBET पैनल आईडी के माध्यम से अलग-अलग ब्रांच लिंक बनाकर पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था।

 

गिरोह का संचालन हिमाचल प्रदेश से

जिले की एसपी भावना गुप्ता ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह का संचालन हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में किराए के मकान से किया जा रहा था। भाटापारा पुलिस ने अपने मजबूत सूचना तंत्र और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए दबिश दी और सभी आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

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जानें कैसे हुआ पूरे गिरोह का भंडाफोड़

इस मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को हुई, जब पुलिस ने रेलवे स्टेशन भाटापारा के पास एक आरोपी अजय बत्रा को मोबाइल के जरिए सट्टे का हिसाब-किताब करते हुए पकड़ा। आरोपी के मोबाइल की जांच में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर पुलिस टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची और पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।

लाखों का सामान भी जब्त

पुलिस ने मौके से 7 लैपटॉप, 2 आईपैड, 48 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड और 2 बैंक खातों सहित बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। (Chhattisgarh Interstate Betting Racket Busted) जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी RUVIBET पैनल आईडी के जरिए Branch-08, Branch-27 और Branch-35 लिंक बनाकर देशभर में सट्टा नेटवर्क चला रहे थे।

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जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और सभी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराज्यीय साइबर अपराध के खिलाफ सफलता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

 

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

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Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

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2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

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4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

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