छत्तीसगढ़
लोक निर्माण विभाग ने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के दिए निर्देश

क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य करने कहा
वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं कार्यपालन अभियंताओं को जारी किया परिपत्र
अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में व्यवस्थाओं की समीक्षा के निर्देश
राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने नदियों पर बने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने को कहा है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ने वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंताओं को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यपालन अभियंताओं के साथ इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. पीपरी ने परिपत्र में निर्देशित किया है कि ऐसे सभी स्थानों और मार्गों जिनमें वर्षा ऋतु में आम जनता के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से मार्गों पर विद्यमान नदी-नालों पर बाढ़ एवं कई स्थानों में सड़क डूबने जैसी स्थिति निर्मित होती है। इन स्थितियों में जान एवं माल की सुरक्षा तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य के लिए समुचित व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं जहां वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग एवं पुल के डूबने की स्थिति निर्मित होती है।
प्रमुख अभियंता ने सभी जलमग्नी पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिससे बाढ़ या पुल के जलमग्न होने की स्थिति में यातायात को बंद किया जा सके। जलमग्न होने वाले स्थानों के दोनों ओर आवश्यक सूचना पटल लगाकर राहगीरों को सूचित किया जाए कि मार्ग जलमग्न हो सकता है। जलमग्न होने की स्थिति में रूके। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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