छत्तीसगढ़
अकलतरा स्टेशन को 16.20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जा रहा है अपग्रेड

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अकलतरा सहित मंडल के 15 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प”
अकलतरा स्टेशन को 16.20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जा रहा है अपग्रेड ।
रेलवे लगातार यात्री सेवा को सुलभ करने के लिए नवीनतम तकनीक, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है । रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु “अमृत भारत स्टेशन” योजना के अंतर्गत स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है । इस योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के 15 स्टेशनों में पुनर्विकास का कार्य किया जा रहा है । अमृत भारत स्टेशन योजना का मकसद आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ मौजूदा सुविधाओं को यात्री अनुकूलन बनाना है ।
इसी क्रम में अकलतरा रेलवे स्टेशन का भी पुनर्विकास किया जा रहा है । अकलतरा छत्तीसगढ़ राज्य के जांजगीर-चांपा जिले तथा हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलवे मार्ग में स्थित है। अकलतरा चूना पत्थर और चावल मिलों के लिए प्रसिद्ध है । इसके चारों ओर कई क्रशर और चावल मिलें एवं कई बड़े सीमेंट प्लांट भी स्थित हैं । उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखकर अकलतरा स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाएं और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है । रेलवे स्टेशन के आसपास अच्छी व्यवस्थाएं होने से आर्थिक व व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा ।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अकलतरा स्टेशन में लगभग 16.20 करोड़ रुपये की लागत से यात्री सुविधा विकास के अनेक कार्य कराये जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भविष्य में और बेहतर आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी । एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन भवन प्रवेश पोर्च, व्यवस्थित प्रवेश व निकासी द्वार, जिससे यात्रियों को भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा । दोपहिया एवं चारपहिया गाड़ियों के लिए 2880 वर्गमीटर का सुव्यवस्थित पार्किंग एरिया, 270 वर्गमीटर का गार्डन विकसित कर सौंदर्यीकरण तथा स्थानीय कला-संस्कृति की चित्रकारी से स्टेशन को आकर्षक बनाया जा रहा है । यात्रियों के सुलभ आवागमन हेतु 4350 वर्गमीटर पर रोड सरफेसिंग का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है । अतिरिक्त कोच एवं ट्रेन इंडकेशन बोर्ड तथा टिकट बुकिंग काउंटरों को अपग्रेड किया जा रहा है ।
स्टेशन परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था हेतु मौजूदा हाइमास्ट लाइट की शिफ्टिंग के साथ नये हाइमास्ट लाइट लगाए जा रहे है । प्लेटफार्म की फ्लोरिंग, अतिरिक्त 03 नये प्लेटफार्म शेल्टर का निर्माण, प्लेटफार्म में अतिरिक्त बीबीसी मॉडल शौचालय का निर्माण, ऊंचे स्मारकीय झंडे, प्रतीक्षालयों का नवीनीकरण, महिलाओं, वरिष्ठजनों व दिव्यांगजनों के अनुकूल दीर्घकालिक सुविधाओं के साथ बेहतर सुरक्षा हेतु सीसीटीवी लगाए जा रहे है । स्टेशन में यात्रियों की सुविधा हेतु डिजाइनर साइनेजेस भी लगाए जाएंगे । ये सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे है और वर्तमान में अब तक 65 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके है तथा शेष कार्य प्रगति पर है ।
अकलतरा स्टेशन पर किए जा रहे उपरोक्त पुनर्विकास कार्यों के पूरा होते ही यात्रियों को आरामदायक के साथ सुलभ यात्रा अनुभव प्राप्त होगा साथ ही संस्कृति, पर्यटन और व्यापार में भी व्यापक विस्तार होगा ।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















