Connect with us

देश

अनिरुद्धाचार्य ने भगवान शिव को लेकर कही ऐसी बात,संत हुए आग बबूला तो मांगी माफी

Published

on

Aniruddhacharya Controversy: कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के भगवान शिव और भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद सभी तरफ से हो रही आलोचना के चलते उन्होंने इस पर माफी मांगी है. उनके इन बयानों का तमाम साधुओं, आचार्यों द्वारा तीखा विरोध किया जा रहा था.

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने विवादास्पद बयान के लिए माफी मांगते हुए कहा, ‘अगर संतों को दिल दुखा हो तो श्रीचरणों में सिर रखकर माफी मांगता हूं.’

हमारे चैनल न्यूज18 इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जगदगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य का बयान अशास्त्रकर और अमर्यादित है पहले उनको अपना अध्ययन बढ़ाने की आवश्यकता है. वहीं राष्ट्रवादी बाल संत दिवाकराचार्य जी महाराज ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य सरीखों ने धर्म को व्यवसाय बना दिया है जिन्हें शास्त्र वेद और उपनिषदों का ही ज्ञान नहीं है. निरंजन अखाड़े के साधु संतों ने कड़ा विरोध जताया और अपने फायदे के लिए सनातन संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया है. उत्तराखंड में एसएसपी से भी इसकी साधु संतों ने शिकायत की है.

यह भी पढ़ें   Himanta Biswa Sarma Assam New CM: हिमंत बिस्वा सरमा होंगे असम के नए मुख्यमंत्री

अनिरुद्धाचार्य कहां जन्मे, कैसे बने कथावाचक, क्या है उम्र…
उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य की आयु 35 वर्ष होगी. उन्होंने अपना आश्रम साल 2019 में खोला था. अनिरुद्धाचार्य मध्य प्रदेश के दमोह में जन्मे थे और उनके पिता पुजारी थी, आर्थिक तंगी के चलते लंबी शिक्षा तो नहीं ली उन्होंने लेकिन वह काफी बचपन में ही वृंदावन चले गए थे, उनकी अध्यात्म और धार्मिक क्रियाकलापों में खासी रुचि रही.

सोशल मीडिया पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य का वीडियो वायरल होता रहता है और वह भक्तों के पूछे गए सवालों का कई बार बेहद मजेदार जवाब देते हैं जिसके चलते उनके कई मीम्स आदि प्रचलित होते रहते हैं. उनके यूट्यूब चैनल पर 11 मिलियन फॉलोअर्स हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे एक कथा के लिए 80 हजार से 1 लाख रुपये तक फीस लेते हैं.

यह भी पढ़ें   12 जनवरी राशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

विवादित बयानों से पुराना है अनिरुद्धाचार्य का नाता…
अनिरुद्धाचार्य के मामले में यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्होंने विवादित बयान दिया हो. इससे पहले वह माता सीता और द्रौपदी पर भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं. उस बयान में उन्होंने उनकी सुंदरता को दोष बता दिया था.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   #RCBvPBKS: कोहली की टोली ने पंजाब की झोली से छीनी जीत, खुशी से झूम उठे बैंगलोर के फैंस, बनाए इस तरह के मीम्स

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   Trending News: ये इश्क़ नहीं आसां बस इतना समझ लीजिए.... लड़की को भगा ले जाने की मिली सजा! चेहरे पर कालिख पोतकर युवक को पहनाई चप्पलों की माला, फिर...

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   फराह खान की मां का निधन, कोरियोग्राफर को सांत्वना देने घर पहुंचे बॉलीवुड सितारे

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   थोड़ी देर में रिहा होंगे अरविंद केजरीवाल, तिहाड़ जेल के बाहर बड़ी संख्या में जमा हुए समर्थक

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending