छत्तीसगढ़
Bigg Boss 18: सारा ने पार की बेहूदगी की हदें, 5 मौके जहां लो दिखा स्टैंडर्ड

Bigg Boss 18: ‘बिग बॉस 18’ में बैक टू बैक लड़ाई-झगड़े देखने को मिल रहे हैं। पूरा घर इस वक्त 4 लोगों के खिलाफ है। सभी के निशाने पर ईशा सिंह, अविनाश मिश्रा, विवियन डीसेना और एलिस कौशिक बने हुए हैं।
टाइम गॉड होने के कारण विवियन डीसेना सभी घरवालों के पहले टारगेट पर हैं। वहीं, जो इस वक्त बिग बॉस के घर में सबसे ज्यादा गदर उठा रहे हैं वो रजत दलाल और सारा अरफीन खान हैं। जबसे सारा एविक्ट हुई हैं उन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं। वो नेशनल टीवी पर बेहूदगी करते हुए अपने खुद के स्टैंडर्ड गिरा रही हैं। चलिए जानते हैं उन्होंने शो में कब-कब घटियापन दिखाया है?
बेसिक राशन की चोरी
सबसे पहले सारा ने घर से बेसिक राशन की चोरी की, वो भी इसलिए नहीं क्योंकि वो इसका इस्तेमाल करना चाहती थीं। सारा ने चोरी सिर्फ इसलिए की क्योंकि वो बाकि लोगों को परेशान करना चाहती थीं। ऐसे में उन्होंने कॉमन राशन में आए टी बैग्स छुपाकर अपने सामान में रख लिए। साथ ही चाहत को भी सपोर्ट किया जब वो विवियन का पर्सनल सामान छिपा रही थीं।
बेड पर कब्जा
विवियन को परेशान करने के लिए सारा इतनी गिर गईं कि अपना बिस्तर होने के बावजूद वो सिर्फ विवियन को तकलीफ पहुंचाने के लिए उनके बेड पर कब्जा कर बैठीं। दरअसल, सारा जानती थीं कि विवियन को इस बात से परेशानी है कि उनके बेड पर कोई बैठे या इसका इस्तेमाल करे। ऐसे में विवियन रिक्वेस्ट करते रह गए और वो वहां से नहीं उठीं। इसके बाद उन्होंने वो बेड रजत दलाल और दिग्विजय राठी को दे दिया और फिर उन्होंने विवियन को उनके बिस्तर पर सोने नहीं दिया।
तलाक पर पर्सनल कमेंट
विवियन डीसेना को नीचा दिखाने और नेशनल टीवी पर उनकी इमेज खराब करने के लिए सारा अरफीन खान ने पर्सनल अटैक करने से भी परहेज नहीं किया। बिग बॉस के घर का एक रूल है कि कोई भी कंटेस्टेंट बाहर की जानकारी घर में नहीं देगा। लेकिन बीते एपिसोड में उन्होंने जिस तरह से विवियन की एक्स वाइफ को लेकर बयान दिया है कि उनकी वाइफ सारा की अच्छी दोस्त हैं और उन्होंने विवियन को लेकर क्या-क्या कहा है, वो बोलकर सारा ने बेहद ही घटिया हरकत की है।
पति पत्नी और वो
विवियन के अलावा हालिया एपिसोड में सारा ने अविनाश, ईशा और एलिस की दोस्ती पर न सिर्फ कीचड़ उछाला बल्कि भद्दी टिप्पणियां भी की। इन तीनों की खूबसूरत दोस्ती को सारा ने सबके सामने ‘पति-पत्नी और वो’ का टैग दे दिया। इस दौरान उन्होंने जो-जो बातें कहीं वो किसी की भी इज्जत की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी हैं। लेकिन उनके मुंह से जो बातें निकली हैं, वो इन तीनों की नहीं बल्कि सारा की ही धज्जियां उड़ा रही हैं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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