Connect with us

छत्तीसगढ़

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय को एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन मिलने पर दी बधाई”

Published

on

कहा छत्तीसगढ़ सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध

बिलासपुर. 9 सितम्बर 2024. उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने बिलासपुर जिला चिकित्सालय को एनक्युएएस, लक्ष्य और मुस्कान सर्टिफिकेशन हासिल होने पर बधाई और शुभकामना दी है। उन्होंने आज यहां जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि बिलासपुर जिला चिकित्सालय को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र (NQAS), प्रसूति सुविधाओं के लिए लक्ष्य (LaQshya) प्रमाण पत्र तथा नवजात एवं बाल रोग देखभाल के लिए मुस्कान (MusQan) प्रमाण पत्र जारी किए जाने पर मैं अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्टॉफ को बधाई देता हूं।

यह भी पढ़ें   टीकाकरण में आएगी तेजी, कोविशील्ड की 2 लाख डोज पहुंची छत्तीसगढ़

बिलासपुर जिला चिकित्सालय में पिछले सात-आठ महीनों में इलाज की व्यवस्थाएं बेहतर हुई हैं। मरीजों को वहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अच्छी प्रसूति सुविधाएं तथा नवजात व बाल रोगों का बेहतर उपचार मिल रहा है, इसे भारत सरकार द्वारा जारी ये तीन गुणवत्ता प्रमाण पत्र रेखांकित कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बिलासपुर जिला अस्पताल में सभी विभागों में अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना मजबूत करने के साथ ही जांच व इलाज के लिए आधुनिक उपकरण एवं मशीनें, दवाईयां और मेडिकल स्टॉफ उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें   Chhattisgarh News: 540 करोड़ रुपए के कोयला घोटाले, में फंसी IAS रानू साहू को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत,

उन्होंने जिला अस्पताल से जुड़े सभी लोगों को शुभकामना देते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी अपनी उत्कृष्ट सेवाएं जारी रखेंगे और बिलासपुर जिले के लोगों को अच्छी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे।

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   Police Station Kota District Bilaspur: कोटा पुलिस ने जुआ खेलते 05 आरोपीगणों को किया गिरफ्तार

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़: विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु दिशा-निर्देश जारी

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   सूरजपुर : शांतिपूर्ण चुनाव हेतु लायसेंसधारियों के शस्त्र जमा करने आदेश जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   Police Station Kota District Bilaspur: कोटा पुलिस ने जुआ खेलते 05 आरोपीगणों को किया गिरफ्तार

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   युद्धवीर सिंह जूदेव और रजिंदर सिंह के निधन से भाजपा में शोक की लहर

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending