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छत्तीसगढ़

लघु उद्यमियों एवं जरूरतमंदों को उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करें बैंकर्स-कलेक्टर

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ऋण प्रकरणों के निराकरण में धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

सभी बैंकों को शाख जमा अनुपात बढ़ाने के दिए निर्देश

जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति बैठक संपन्न

शिक्षा ऋण के लिए विद्यालक्ष्मी पोर्टल की सुविधा
बिलासपुर, अवनीश शरण ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठक ली। कलेक्टर ने बैंकर्स से कहा कि छोटा व्यवसाय करने वाले लघु उद्यमियों एवं जरूरतमंद हितग्राहियों को उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करें। आपकी मदद एवं सहयोग से किसी की जिंदगी बदल सकती है। छोटे उद्यमियों को ऋण प्रदान करना बैंकों की ताकत है। इससे सरकार के आत्मनिर्भर भारत और हर व्यक्ति को रोजगार देने की मंशा पूरी होती है।

कलेक्टर ने सभी बैंकों को साख जमा अनुपात (सीडी रेशो) बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में अधिक से अधिक ऋण प्रदान कर लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं मजबूती से कार्य कर रही है और आर्थिक स्वावलंबन के अद्भुत परिणाम मिल रहे हैं। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए इस दिशा में कार्य करते हुए अधिक से अधिक ऋण प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जिले में धान की बिक्री करने वाले पंजीकृत किसानों का अभियान चलाकर शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की जरूरत है।

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उन्होंने इसके लिए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पशुपालन विभाग, मछली पालन विभाग सहित उद्योग विभाग एवं अन्य विभागों के प्रकरणों में आ रही दिक्कतों का निराकरण करने के लिए कहा। कलेक्टर ने पशुपालन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, पीएम स्वनिधि योजना, शिक्षा ऋण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सहित शासन की विभिन्न योजना अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने नगरीय निकाय अंतर्गत शासन की विभिन्न योजनाओं में लंबित प्रकरणों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने इसके जल्द निराकरण के संबंध में बैंको को कहा। लीड बैंक मैनेजर ने बताया कि जिले में 259 बैंक शाखाएं, 320 एटीएम और 483 ग्राम पंचायतों के सभी गांवों में 4988 बीसी/कियोस्क संचालित हैं।

उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों को ऋण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एनआरएल अंतर्गत समूह की महिलाओं को व्यापक पैमाने पर ऋण प्रदान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना अंतर्गत 12 लाख 42 हजार 892 खाते खोले गए हैं। शिक्षा ऋण अंतर्गत ऋण प्रदान किया जा रहा है। जिले में 75.73 करोड़ रूपए शिक्षा ऋण का वितरण किया गया है जिनमें से 595 छात्राओं को 35.43 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

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शिक्षा ऋण के लिए विद्यालक्ष्मी पोर्टल-
उन्होंने बताया कि विद्यालक्ष्मी पोर्टल छात्रों को शैक्षिक ऋण और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने और जानकारी पाने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म मुहैया कराता है। इस पोर्टल पर, छात्रों को बैंकों की शैक्षिक ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी मिलती है। यहां छात्रों के लिए सामान्य शैक्षिक ऋण आवेदन पत्र भी उपलब्ध है। इस पोर्टल का इस्तेमाल करने से छात्रों को बैंक शाखाओं में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। इस पोर्टल पर लोन आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा भी मिलती है।

इस पोर्टल पर, स्कॉलरशिप स्कीम्स और लोन स्कीम्स को एक ही जगह पर लाया गया है। लीड बैंक मैनेजर ने शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सभी बैंकों द्वारा किए जा रहे कार्यों के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री आरपी चौहान, अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित रहे।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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