छत्तीसगढ़
स्वच्छता में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु स्टेशनों पर स्वच्छता चौपाल

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ श्री सतीश कुमार ने दिया निर्देश, देश के सभी स्टेशनों पर लगाए जाएं स्वच्छता चौपाल
स्वच्छता चौपाल के माध्यम से समावेशिता एवं ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा जैसे मुद्दों दिया जाएगा ध्यान
विशेष अभियान 4.0 के तहत भारतीय रेल का मुख्य उद्देश्य “Institutionalizing Swachhata & Minimizing Pendency”
11 अक्टूबर 2024
केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 4.0 के तहत रेलवे में स्वच्छता अभियान की सफलता हेतु रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने सभी महाप्रबंधकों एवं मंडल रेल प्रबंधकों को निर्देश दिया कि विशेष अभियान 4.0 के तहत देश के सभी स्टेशनों पर स्वच्छता चौपाल लगाए जाएं। चौपाल में जन प्रतिनिधियों, ग्राम पंचायत एवं शहरी निकाय के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों को आमंत्रित कर स्टेशन की स्वच्छता में बेहतरी हेतु सुझाव लिए जाएं जिससे स्वच्छता अभियान में जन भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सके।
इस बैठक में रेलवे बोर्ड की सचिव अरूणा नायर, कार्यकारी निदेशक पब्लिक ग्रिवांसेज रत्नेश झा एवं समस्त जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों की उपस्थिति रही। इस दौरान श्री रत्नेश झा द्वारा आगामी कार्यों व उद्देश्यों के संबंध में भी रेलवे अधिकारियों के साथ जानकारी साझा की गई।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता चौपाल के माध्यम से समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए कार्यस्थलों की स्वच्छता एवं ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा जैसे मुद्दों पर ध्यान देना है।
इस विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत दक्षता को बढ़ाते हुए संचालन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे समय एवं लागत दोनों में कमी आएगी। डेटा प्रबंधन में सुधार के साथ, डेटा संग्रह, विश्लेषण और भंडारण की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से जानकारी और सेवाओं की सुलभता बढ़ाई जा रही है, जो नवाचार नए व्यावसायिक मॉडलों एवं सेवाओं को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। इसके अतिरिक्त ऑटोमेशन (Automation) से विभिन्न कार्यों में तेजी व कुशलता लाने में मदद मिलेगी।
विशेष अभियान 4.0 का दूसरा चरण 2 अक्टूबर 2024 से 31 अक्टूबर 2024 तक चलाया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता है, जिसके तहत यात्रियों के साथ सीधा संवाद कर उन्हें साफ-सफाई, रेलवे सुरक्षा एवं रेलवे परिसर में उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही, यात्रियों व स्थानीय जनता से संबंधित सुविधाओं, समस्याओं के संबंध में जानकारी लेकर भारतीय रेल उनमें सुधार की ओर अग्रसर होगा।
इसके तहत सभी नोडल अधिकारियों एवं रेलवे अधिकारियों को विशेष अभियान 4.0 की सफलता हेतु सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय रेल के बेहतरीन प्रदर्शन व उच्च मानक को स्थापित करना है।
विशेष अभियान 4.O के पहले चरण (13 सितंबर 2024 से 30 सितंबर 2024) के अंतर्गत लंबित मामलों का निपटान पर ध्यान दिया गया था। जबकि, दूसरे चरण (2 अक्टूबर 2024 से 31 अक्टूबर 2024) में स्वच्छता में जन भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
रेल चौपाल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी जो यात्रियों को सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक करेगी। साथ ही, यह सामुदायिक संवाद का एक मंच प्रदान करता है, जहाँ यात्री अपनी समस्याएँ तथा सुझाव सीधे रेलवे अधिकारियों से साझा कर सकते हैं। इससे समस्या समाधान की प्रक्रिया को भी त्वरित बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, स्थानीय व्यापारियों एवं अन्य हितधारकों के बीच संवाद को बढ़ाते हुए नेटवर्किंग के अवसर निर्मित होंगे। अंततः, रेल चौपाल से सतत विकास पहलों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे यात्रियों व स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने के संबंध में भारतीय रेल निरंतर प्रतिबद्धता दिखा रही है। इसी उद्देश्य से, स्वच्छता चौपाल एवं इस विशेष अभियान 4.0 के माध्यम से रेलवे न केवल स्वच्छता के उच्च मानकों को स्थापित कर रही है अपितु जन भागीदारी को भी सुनिश्चित कर रही है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















