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बांधवगढ़ नेशनल पार्क : क्यों बन जाता है सर्दियों में वन्यजीव प्रेमियों का हॉट डेस्टिनेशन

अगर आप वन्यजीव प्रेमी हैं, तो आपको पता ही होगा कि बांधवगढ़ नेशनल पार्क एडवेंचर और वन्यजीवों को पसंद करने वाले लोगों के लिए कितना खास है। मध्य प्रदेश में स्थित बांधवगढ़ नेशनल पार्क देश के उन चुनिंदा जंगलों में से एक है जहां लोग न सिर्फ वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने जाते हैं बल्कि इस जंगल की प्राकृतिक सुन्दरता ही बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती है।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क सर्दियों के मौसम में क्यों हर प्रकृति प्रेमी के बकेट लिस्ट में होती है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक कोहरे से भरी सर्द सुबह को एंजॉय करने आते रहते हैं। आइए जानते हैं –
बाघ दिखने की संभावना
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघों की अच्छी-खासी जनसंख्या है। इसलिए यहां बाघों के दिखने की संभावना भी काफी ज्यादा होती है। कभी दलदली मिट्टी में बाघों के पंजों के निशान का दिखना तो कभी उन निशानों का पीछा करते हुए पेड़ों के झुरमुट में आराम फरमाते इन शानदार जीवों की एक झलक का दिख जाना ही दिल में रोमांच और शरीर में सिहरन पैदा कर देती है। यहां बाघों को उनके प्राकृतिक आवास में शाही चाल से घूमते-फिरते हुए देखने का जो अनुभव आपको होगा, वह लंबे समय तक आपके दिलो-दिमाग पर जरूर छाया रहेगा।
शानदार परिदृश्य
बांधवगढ़ नेशनल पार्क सिर्फ पेड़ों से बना कोई घना जंगल नहीं बल्कि यहां के नजारे भी दूसरे जंगलों की तुलना में काफी अलग होते हैं। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में पथरीले पहाड़ों से लेकर शाल और बांस के घने जंगल, घास के मैदान, गुफाएं और शानदार परिवेश हैं। जहां विभिन्न तरह के वन्यजीवों को अपनी रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त देखना, शिकार करना, खाना खाना आदि देखना बड़ा ही मजेदार लगता है।
फोटोग्राफरों के लिए जन्नत
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघों की संख्या ज्यादा होने और उनके लगातार दिखने की वजह से इसे फोटोग्राफरों के लिए एक जन्नत के तौर पर देखा जाता है। यहां आप बाघ को किसी हिरण या जंगली भैंसे का शिकार करते हुए, बाघ के हमले से बचकर निकलते छोटे जानवरों, जंगलों के अलग-अलग रंगों और उन रंगों में चटखदार बाघों की पीली और काली धारियां, सूर्योदय के समय कलरव करते विभिन्न तरह के पक्षियों या फिर धुल में नहाते हाथियों के झुंड तक को न सिर्फ खुद देख सकेंगे बल्कि यादगार के तौर पर इन्हें कैमरे में कैद करने का भी आपको भरपूर मौका मिलेगा।
कई तरह के पशु-पक्षी करेंगे स्वागत
बांधवगढ़ नेशनल पार्क की सुबह ही बड़ी अतरंगी होती है। यहां आपको अपने मोबाइल के अलार्म से सुबह जागने की जरूरत नहीं होती है बल्कि पक्षियों की मीठी चहचहाहट ही इतनी होती है कि आप चाहकर भी सोये नहीं रह सकेंगे। यहां कदम-कदम पर आपको अलग-अलग तरह के पशु या भी पक्षी दिखाई देंगे, जिन्हें शायद आपने कभी भी अपने जीवन में नहीं देखा होगा।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क में आप लेपर्ड (तेंदुआ), स्लॉथ, कई प्रकार के हिरण जैसे चीतल, सांभर और बार्किंग हिरण आदि देख पाएंगे। इसके साथ ही यह नेशनल पार्क करीब 250 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का घर भी है जिसमें बाज़, हॉर्नबिल और गिद्ध भी शामिल हैं।
पहुंचना है बड़ा आसान
सर्दियों के मौसम में बांधवगढ़ नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की प्रमुख वजह यहां तक पहुंचना आसान होना भी है। बांधवगढ़ मध्य प्रदेश के कई शहरों से जुड़ा हुआ है जिसमें जबलपुर, खजुराहो आदि प्रमुख है। यहां रुकने के लिए विभिन्न श्रेणियों के लग्जरी व बजट फ्रेंडली लॉज से लेकर इको-रिसॉर्ट तक उपलब्ध हैं।
इनके बारे में जानकारी आपको आसानी से इंटरनेट या किसी भी बुकिंग साइट पर मौजूद है। इन्हें बुक करना भी आसान है और आरामदायक होने की वजह से पर्यटक यहां कुछ दिन ठहरकर सर्दियों के मौसम में प्रकृति की सुन्दरता को अनुभव करना भी बेहद पसंद करते हैं।
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Bilaspur के नामी LCIT Group of Institutions का छात्रों के साथ भयानक फर्जीवाड़ा : वादे बड़े-बड़े, हकीकत पानी-पानी!

बिलासपुर: LCIT Group of Institutions – Bilaspur, जो हर साल एडमिशन के दौरान बड़े-बड़े वादे और लुभावने दावे करता है, उसकी सच्चाई अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। दावा किया जाता है कि यहां आधुनिक लैब्स, अनुभवी फैकल्टी और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा — लेकिन ग्राउंड रियलिटी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
बारिश आई, लैब्स ने छलनी बनकर स्वागत किया!
हमें मिले वीडियो में कॉलेज की लैब्स से टपकती छतें साफ़ दिखाई दे रही हैं। जहां स्टूडेंट्स को मशीनों के साथ प्रैक्टिकल करना चाहिए था, वहां अब पानी से बचने के लिए प्लास्टिक की बाल्टियाँ रखी जा रही हैं। सवाल ये उठता है कि जब प्रयोगशालाएं ही सुरक्षित नहीं, तो शिक्षा कितनी सुरक्षित होगी?

फैकल्टी? बस कागज़ों पर!
सूत्रों के अनुसार, यहां कई फैकल्टी सदस्य केवल ऑन पेपर मौजूद हैं। यानी नाम तो है, पर काम में कहीं नजर नहीं आते। छात्रों का कहना है कि कई विषयों की क्लास ही नियमित नहीं होती।
इंजीनियरिंग प्रिंसिपल भी सिर्फ नाम के!
कहा जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रिंसिपल भी फुल टाइम नहीं है, बल्कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए कागजों पर मौजूद हैं। यह छात्रों के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।

स्टाफ की नियुक्ति पर भी सवाल
बताया जा रहा है कि अधिकांश स्टाफ या तो यहीं के पुराने छात्र हैं या फिर अन्य कॉलेज से किसी वजह से हटाए गए लोग हैं। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाता है।
🎙 बिलासपुर के इस संस्थान की मार्केटिंग चमचमाती है, लेकिन हकीकत में ढहती छतें, दिखावटी स्टाफ और खोखले दावे छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज़रूरत है कि शिक्षा को सिर्फ व्यापार न बनाकर, जिम्मेदारी समझा जाए
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शाकाहारी लोग अपनी डाइट में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए विशेष सावधानी बरतते हैं

जरा सा बाहर का केक भी खा लें तो उन्हें सबसे पहले यही चिंता होती है कि कहीं इसमें अंडा तो नहीं मिला हुआ। हालांकि इतने ध्यान देने के बाद भी अक्सर वो कुछ ऐसी चीजें खा ही बैठते हैं, जो शायद देखने में भले ही वेज लगती हों लेकिन असल में वो जानवरों के मांस से बनी होती हैं। तो चलिए आज कुछ ऐसी ही बड़े कॉमन फूड आइटम्स पर नजर डालते हैं, जिन्हें हम अक्सर वेज कैटिगरी में रखते हैं हालांकि असल में वो नॉन वेज ही होते हैं।
बटर नान
आप किसी रेस्टोरेंट या होटल में खाना खाने जाते होंगे तो बटर नान जरूर खाया होगा । सॉफ्ट-सॉफ्ट बटर नान किसी भी ग्रेवी वाली सब्जी के साथ खाने में बहुत ही टेस्टी लगता है। लगभग हर वेजीटेरियन ने बड़े चाव से इसे खाया होगा। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वेज फूड के रूप में अवेलेबल बटन नान रियल में नॉन वेज है। दरअसल बटर नान को ऑथेंटिक रूप से तैयार करते समय, इसके आटे को गूंथते टाइम इसमें अंडा मिलाया जाता है, जिससे इसका डो सॉफ्ट और इलास्टिक बना रहे। हालांकि कुछ जगह इसे बिना अंडे के भी तैयार किया जाता है। ऐसे में आपको रेस्टोरेंट में पूछ कर ही इसे ऑर्डर करना चाहिए।
चीज
आप सब ने चीज जरूर खाया होगी। बच्चों का तो यह फेवरेट होती है। पराठे में डालना हो या सैंडविच बनाना हो, पिज़्ज़ा हो या पास्ता, हर फूड आइटम को तैयार करते समय भर-भर के चीज का इस्तेमाल किया जाता है। वेजिटेरियन हो या फिर नॉन वेजिटेरियन सभी लोग चीज खाते हैं। हालांकि वेज फूड आइटम की कैटेगरी में शामिल चीज एक्चुअल में नॉनवेज है। दरअसल कुछ तरह की चीज में रेनेट नाम का एंजाइम पाया जाता है जो मुख्य रूप से जानवरों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में पाया जाता है। ऐसे में बेहतर यही है कि चीज खरीदते समय उसके पैकेट पर लिखी सामग्री जरूर चेक कर लें।
व्हाइट शुगर
व्हाइट शुगर यानी सफेद चीनी का इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है। यहां तक की तीज-त्योहार और व्रत में भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि व्हाइट शुगर, वेजीटेरियन के लिए पूरी तरह से प्योर नहीं होती है। दरअसल शुगर नेचरली व्हाइट नहीं होती है, इसे व्हाइट शुगर में कन्वर्ट करने के लिए इसकी पॉलिशिंग की जाती है। जिसके लिए जानवरों की हड्डियों का चूर्ण इस्तेमाल किया जाता है।
रेड कैंडीज
रेड कैंडीज बच्चों की फेवरेट होती है। बच्चे इसे बहुत चाव से खाते हैं। लेकिन अगर आपकी फैमिली वेजिटेरियन है और आपके यहां नॉनवेज फूड अलाउड नहीं है, तो सावधान हो जाइए। दरअसल रेड कैंडीज प्योर वेज नहीं होती है, ये नॉनवेज की कैटेगरी में आती है। क्योंकि कैंडीज को रेड कलर देने के लिए इन्हें कलर से डाई किया जाता है और इनमें से कुछ डाई कलर को तैयार करने के लिए इंसेक्ट्स और कीड़े का इस्तेमाल किया जाता है।
पैक्ड ऑरेंज जूस
आजकल पैकेट वाले जूस का चलन काफी बढ़ गया है। फ्रेश जूस बनाने के झंझट से बचने के लिए लोग अक्सर अलग-अलग फ्रूट्स जूस के पैकेट फ्रिज में स्टोर करके रखते हैं और पीते रहते हैं। बात करें ऑरेंज जूस की तो यह काफी हेल्दी और टेस्टी होता है, जिससे यह लगभग सबका फेवरेट बना हुआ है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ये फ्रूट जूस एक्चुअल में नॉनवेज होता है। दरअसल पैकेट वाले ऑरेंज जूस में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो वास्तव में मछलियों से प्राप्त होता है। हालांकि बाजार में मिलने वाले हर जूस के साथ ऐसा भी होता है।
च्विंगम
बच्चों से लेकर बड़ों तक कई लोगों को च्विंगम चबाना बहुत पसंद होता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि च्विंगम पूरी तरह से वेजीटेरियन नहीं होता है। आप सभी जानते होंगे कि च्विंगम में जिलेटिन पाया जाता है। दरअसल ये जिलेटिन गाय और सूअर जैसे जानवरों के चमड़े और हड्डियों से मिलता है।
सलाद ड्रेसिंग
अगर आप वेजिटेरियन हैं और आपको सलाद में एग्जॉटिक (विदेशी) ड्रेसिंग काफी पसंद है, तो यह खबर आपको थोड़ा डिसअप्वाइंट कर सकती है। दरअसल सलाद की यह कलरफुल और स्पाइसी ड्रेसिंग कई बार सलाद को नॉनवेज बना देती है। दरअसल कई बार इसे तैयार करते समय इसमें अंडे का इस्तेमाल किया जाता है, जो नॉनवेज फूड की कैटेगरी में आता है।
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सोना खरीदने का प्लान बना रहे है ? ये है आज 10 ग्राम का ताजा भाव, जानें अपने शहरों का भी 9 नवंबर का लेटेस्ट रेट

Gold Silver Rates 9 November 2024: कार्तिक पूर्णिमा या दीप दिवाली से पहले सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे है तो पहले 9 नवंबर का ताजा भाव जान लें। आज शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में फिर बदलाव आ गया है।
आज सोने की कीमतों में 110 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है, लेकिन चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं आया है। नई दरों के बाद सोने के दाम 79,000 के करीब और चांदी के रेट 94000 पहुंच गए है।
आज शनिवार को सराफा बाजार द्वारा जारी सोने चांदी की नई कीमतों के मुताबिक, आज 9 नवंबर 2024 को 22 कैरेट सोने के दाम 72, 900 , 24 कैरेट के दाम 79,510 और 18 ग्राम 59, 650 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। 1 किलो चांदी का भाव 94,000 रुपए चल रहा है। आईए जानते है अलग अलग शहरों के 18, 22 और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव….
Saturday Latest Gold Rates
18 कैरेट सोने का आज का भाव
- दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 59,650/- रुपये।
- कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 59, 520/- रुपये।
- इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 59, 570 चल रहा है।
- चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 59, 950/- रुपये पर ट्रेड कर रही है।
22 कैरेट सोने का आज का भाव
- भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 72,800/- रुपये ।
- जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 72, 900/- रुपये ।
- हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 72,750/- रुपये ट्रेंड कर रहा है।
24 कैरेट सोने का आज का भाव
- भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 79, 410 रुपये
- दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 79, 510/- रुपये।
- हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 79, 360/- रुपये ।
- चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 79, 410/- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है।
Shanivar Silver Latest Rates
- जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 94, 000/- रुपये ।
- चेन्नई, मदुरै , हैदराबाद,और केरल सराफा बाजार में कीमत 1,03, 100/- रुपये है।
- भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 94, 000/ रुपए चल रही है।
गोल्ड खरीदने से पहले कैसे जानें शुद्धता
- ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।
- 24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।
- 24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए। सोने को 999.9 शुद्धता (24 कैरेट) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।
- आमतौर पर सोना 20 और 22 कैरेट में बिकता है, वहीं कुछ लोग गहनों के लिए
18 कैरेट का इस्तेमाल भी करते हैं। - 24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।
- 22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं।
- 24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं।
नोट- ऊपर दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें।
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