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छत्तीसगढ़

बिलासपुर रेल मंडल के करकेली स्टेशन को तीसरी रेल लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड मॉडिफिकेशन कार्य किया जाएगा

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“बिलासपुर-कटनी तीसरी लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे भविष्य में यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी ।“

इस कार्य के फलस्वरुप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा ।

बिलासपुर:- 08 नवम्बर, 2024 अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । इसी प्रकार बिलासपुर-कटनी के बीच तीसरी रेल लाइन इस रेलवे की एक महत्वपूर्ण तथा व्यस्त रेल मार्ग है, जो इस पूरे क्षेत्र को उत्तर भारत से जोड़ती है । परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है ।

इससे आधारभूत संरचना में विकास के साथ नई यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में वृद्धि होगी । इसी दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करते हुए बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का कार्य किया जा रहा है । इसके अंतर्गत बिलासपुर- कटनी सेक्शन के करकेली रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुनपुर-कटनी सेक्शन में कुल 165.52 किलोमीटर रेलवे लाइन का कार्य किया जा रहा है । जिसकी कुल लागत 1680 करोड़ रुपये किया जा रहा है । अब तक इस सेक्शन में 101 .40 किलोमीटर रेलवे लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है ।

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करकेली रेलवे स्टेशन को तीसरी रेललाइन को जोड़ने का यहा कार्य दिनांक 17 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक (विभिन्न तिथियो में) किया जायेगा । इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आयेगी ।

इस कार्य के फलस्वरूप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलाने वाली कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । जिसका विवरण इस प्रकार हैः-

रद्द होने वाली गाडियां:-

  1. दिनांक 16 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक जबलपुर से चलने वाली 11265 जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  2. दिनांक 17 नवम्बर से 20 नवम्बर, 2024 तक अम्बिकापुर से चलने वाली 11266 अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  3. दिनांक 15 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक बिलासपुर से चलने वाली 18247 बिलासपुर-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  4. दिनांक 16 नवम्बर से 20 नवम्बर, 2024 तक रीवा से चलने वाली 18248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  5. दिनांक 18 नवम्बर, 2024 को रीवा से चलने वाली 11751 रीवा-चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  6. दिनांक 19 नवम्बर, 2024 को चिरमिरी से चलने वाली 11752 चिरमिरी-रीवा पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  7. दिनांक 17 नवम्बर, 2024 को दुर्ग से चलने वाली 18203 दुर्ग-कानपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  8. दिनांक 18 नवम्बर, 2024 को कानपुर से चलने वाली 18204 कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  9. दिनांक 14 नवम्बर, 2024 को दुर्ग से चलने वाली 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  10. दिनांक 16 नवम्बर, 2024 को नौतनवा से चलने वाली 18206 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस रद्द रहेगी ।
  11. दिनांक 19 नवम्बर, 2024 को चिरमिरी से चलने वाली 05755 चिरमिरी-अनुनपुर पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  12. दिनांक 19 नवम्बर, 2024 को अनुनपुर से चलने वाली 05756 अनुनपुर- चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  13. दिनांक 17 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक चिरमिरी से चलने वाली 08269 चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  14. दिनांक 17 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक चंदिया रोड से चलने वाली 08270 चंदिया रोड-चिरमिरी- पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी ।
  15. दिनांक 16 नवम्बर से 19 नवम्बर, 2024 तक कटनी से चलने वाली 06617 कटनी-चिरमिरी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।
  16. दिनांक 17 नवम्बर से 20 नवम्बर, 2024 तक चिरमिरी से चलने वाली 06618 चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल रद्द रहेगी ।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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