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छत्तीसगढ़

पीएम जनमन योजना : बैगा बिरहोरों के बीच रोशनी पहुंचाने की सार्थक पहल

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शहरों की तरह आदिवासी गांव की गलियां और सड़कें भी होंगी जगमग

पीएम जनमन योजना की पहुंच से आदिवासियों के जीवन में दिखने लगा बदलाव
बिलासपुर, 13 नवंबर 2024/पीएम जनमन योजना से बैगा बिरोहर आदिवासियों के जीवन में बदलाव की बयार बहने लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस योजना से सुदूर वनांचल में रहने वाले इन आदिवासियों का जीवन स्तर सुधरने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा इनकी बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब इन बसाहट के गांव भी रोशनी से जगमग होंगे। शहरों की तरह इनके घर और गांव की गलियां भी रोशन होंगी।

जिला प्रशासन द्वारा पीएम जनमन योजना के तहत विकासखण्ड कोटा अंतर्गत सुदुर वनांचल गांव सरगोड़ एवं चिखलाडबरी पीव्हीटीजी बसाहटों में डीएमएफ मद 2 करोड़ 22 लाख की लागत से ऑफग्रिड सौर संयंत्रों के माध्यम से विद्युतीकरण कर प्रकाश व्यवस्था का कार्य किया जा रहा है। इस काम के होने से 61 बैगा परिवार, 123 आदिवासी परिवार एवं 25 अन्य परिवारों के घर रोशन होंगे। इसी क्रम में चिखलाडबरी के मजराटोला बेलहाकछार, कटेलीपारा, सौंतापारा एवं स्कूलपारा में कुल 23.7 किलोवॉट क्षमता के सौर संयंत्र लगाया जा रहा है। सरगोड़ के मजराटोला इमलीपारा, स्कूलपारा, डिपरापारा, धनुहारपारा में कुल 24 किलोवॉट क्षमता के सौर संयंत्र से बैगा जनजाति, आदिवासी एवं अन्य घरों में प्रकाश व्यवस्था एवं स्ट्रीट लाईट के माध्यम से गली मोहल्ले में पथ प्रकाश व्यवस्था की जा रही है।

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उल्लेखनीय है कि सोलर संयंत्र स्थापित करने का यह कार्य 70 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। जल्द ही ये गांव सोलर से रोशन होंगे। इस प्रोजेक्ट में प्रत्येक घरों में 05 लाईट, 01 साकेट की व्यवस्था की जाएगी जिससे ग्रामीणों को सौर संयंत्र के जरिए रात में भी प्रकाश की सुविधा मिलेगी। लाईट की व्यवस्था होने से ग्रामीण अपने घरों का काम रात में भी बिना किसी रूकावट के कर सकेंगें। अमूमन महिलाएं दिनभर घर के कामों में व्यस्त रहती हैं। प्रकाश की व्यवस्था होने से वे सिलाई-बुनाई सहित अन्य आय मूलक काम कर अपनी आय बढ़ा पाएंगी। बच्चे पढ़ाई-लिखाई का कार्य कर पाएंगे। स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था से रात में कीड़े-मकोड़े एवं जंगली जानवरों से निजात मिलेगी। ग्रामीण भयमुक्त होकर आवागमन कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि जनमन योजना के तहत जिले में अधिकांश योजनाओं में सेचुरेशन लेवल हासिल कर लिया गया है। जनमन शिविरों के जरिए लगातार शासन की योजनाओं से पीव्हीटीजी समुदाय के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। 696 लोगों के लिए पक्का मकान स्वीकृत किया गया है। मोबाईल मेडिकल यूनिट के जरिए 2560 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है। आदिवासी विकास विभाग द्वारा 2 बहु उद्देशीय केन्द्र बनाएं गए हैं। मोबाईल टावर भी स्थापित किया गया है।

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कौशल विकास विभाग द्वारा 40 लोगों का कौशल विकास किया गया। 6 हजार 222 लोगों का आधार कार्ड, 4 हजार 876 लोगों को आयुष्मान कार्ड एवं 2 हजार 645 लोगों को जाति प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। पीएम किसान सम्माननिधि का लाभ 454 हितग्राहियों को मिला है। लक्षित शत प्रतिशत लोगों का राशन कार्ड बन चुका है। पीएम उज्जवला योजना के तहत 1 हजार 272 हितग्राही लाभान्वित हुए है। सुरक्षित मातृ अभियान, राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम, सिकलसेल मिशन, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पेंशन योजना में सेचुरेशन लेवल हासिल कर लिया गया है।

मालूम हो कि प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना के तहत तीन साल में 11 गतिविधियों के अंतर्गत पीव्हीटीजी का सामाजिक, आर्थिक उत्थान किया जाना है। इस कार्ययोजना मंे पक्के मकान, संपर्क मार्ग, स्वच्छ जल, मोबाईल चिकित्सा, छात्रावास निर्माण, आंगनबाड़ी निर्माण, वनधन केन्द्र की स्थापना, बहुउद्देशीय केन्द्र निर्माण, विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था ग्रिड प्रणाली, मोबाईल टावर की स्थापना, कौशल विकास को सम्मिलित किया गया है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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